der tak khoob tiri shakl nihaari jaa.e | देर तक ख़ूब तिरी शक्ल निहारी जाए

  - Prashant Kumar
देरतकख़ूबतिरीशक्लनिहारीजाए
चाँदपरबादमेंतस्वीरउतारीजाए
सबचिढ़ातेहैंउसेमैंमिलूँगाकहकर
मिरेमहबूबकीतक़दीरसँवारीजाए
यादआयाहैकोईकामज़रूरीमुझको
तुमचलेजानावहाँतकजोसवारीजाए
बस्तियाँएकतरफ़एकतरफ़हैशमशान
चलोऐसेमेंयहींरातगुज़ारीजाए
जिसतरफ़तुमहोउसीसम्तमिलेंगेहमभी
बे-वजहख़ुल्दसेकम्पासउतारीजाए
मुस्कुरातेहुएजबकोईहसीनागुज़रे
ऐसालगताहैख़ुदाजानहमारीजाए
क्यामुलव्वसभीनिकलताहैशरीफ़ाहोकर
फिरतोचौखटपेकोईरातगुज़ारीजाए
  - Prashant Kumar
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