dard kii aah dekhti hogii | दर्द की आह देखती होगी

  - Prashant Kumar
दर्दकीआहदेखतीहोगी
करकेफिरवाहदेखतीहोगी
जेबमेंहाथडालकरवोतो
मेरीतनख़्वाहदेखतीहोगी
अबसियानीभीहोगईहैवो
किसीकाब्याहदेखतीहोगी
मुझ
मेंएकाधसाँसरहनेदो
माँमिरीराहदेखतीहोगी
वोनज़रसेनज़रमिलाकरयूँँ
इश्क़कीचाहदेखतीहोगी
बख़्शदोअबमुझेगुज़ारिशहै
वोमिरीराहदेखतीहोगी
क़ब्रमेंमैंतोसोगयाकबका
वोउधरमाहदेखतीहोगी
सबमुझेघरमेंढूँढतेहोंगे
वोसर-ए-राहदेखतीहोगी
  - Prashant Kumar
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