aankh ka aankh se vaa'da hai kya | आँख का आँख से वा'दा है क्या

  - Prashant Kumar
आँखकाआँखसेवा'दाहैक्या
दिललगानेकाइरादाहैक्या
बड़ेहीमनसेपहनताहैतू
येबताज़ख़्मलबादाहैक्या
मैंसमायाहूँसभीमेंदेखो
हुस्नसबकाहीकुशादाहैक्या
गलाक्यूँँचूमरहेहैंझुमके
मारनेकाहीइरादाहैक्या
आजकलयादनहींकरतीहोतुम
अबकिसीऔरसेइरादाहैक्या
तेरेचेहरेपरउदासीहैबहुत
किसीसेमिलनेकावा'दाहैक्या
सबकुछऐसेहीलुटाओगीतुम
पासमेंमालज़ियादाहैक्या
मुस्कुरानेकीनहींहैफ़ुर्सत
खेतमेंकामज़ियादाहैक्या
  - Prashant Kumar
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