main teri nazar men hooñ tu meri nazar men hai | मैं तेरी नज़र में हूँ तू मेरी नज़र में है

  - Prashant Kumar
मैंतेरीनज़रमेंहूँतूमेरीनज़रमेंहै
इकदूजेकीफोटोदोनोंकेजिगरमेंहै
क्यूँँआतीडर-डरकेक्यूँँमिलतीछुपछुपकर
तूभूलरहीशायददुनियाकीख़बरमेंहै
क्यूँँइतनेहिजाबोंमेंतूघरसेनिकलतीहै
अबअपनीकहानीतोदुनियाकीनज़रमेंहै
जबचाँदनिकलताहैसबछतपरआतेहैं
औरताकलगातेहैंतूमेरेघरमेंहै
कैसेमिलेगीतूइकबातबतामंज़िल
साँसेंछूटीहैंदिलमनरूहडगरमेंहै
यूँँसरपेचढ़ानेसेहरबालकबिगड़ेगा
सुधरेगावोहीजोडंडेकेअसरमेंहै
फूलोंसेभरारबनेअहल-ए-कुलकाआँगन
काँटोंकीबगियातोमेरेहीघरमेंहै
  - Prashant Kumar
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