ek din sabko jahaan chhod ke jaana hogaa | एक दिन सबको जहाँ छोड़ के जाना होगा

  - Prashant Kumar
एकदिनसबकोजहाँछोड़केजानाहोगा
येतोक़ानून-ए-इलाहीहैनिभानाहोगा
नईमुमताज़नयाशाहजहाँइश्क़नया
अबनयाताज-महलभीतोबनानाहोगा
किसलिएहुस्नकीफिरइतनीदिखातेहोअदा
येतोमिट्टीकाहैमिट्टीमेंमिलानाहोगा
ऐसेबोलोगेखुले-आमतोफँसजाओगे
आँखहीआँखमेंहरराज़छुपानाहोगा
तभीतोकहरहेहैंइश्क़करनामुझसेे
नामकेआगेमिरानामलगानाहोगा
  - Prashant Kumar
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