अंगूरीबदनआतिशयौवनज़ुल्फ़ोंकीझलकफिरवैसीही
चलनेकाहुनरनायाबतिराफ़ित्नेकीचमकफिरवैसीही
रुख़सारतिराहैमौज-ए-बलाऔरहोंटतिरेसूरजकीकिरन
जोशीलाबदनआफ़तचितवनऊपरसेफुदकफिरवैसीही
वोपहलीदफ़ाजबतुमसेेमिलेतुमख़ूबलिपटकेरोएथे
अबशहरसहैंजानेकोमगरहोंटोंपेसिसकफिरवैसीही
पातालसेढूँढ़निकालेगाजोहमनेछोड़ाशहरतिरा
हमभूलेनहींग़ुस्सातेराआँखोंमेंखटकफिरवैसीही
खेतोंकीकगरपरबैठकेहमचीज़इकदूजेकोखिलातेथे
हमआजबिछड़नेकोहैंमगरहोंटोंपेगज़कफिरवैसीही
क्याहालबनायाहैऐसासदियोंसेजैसेदेखानहो
मैंसामनेरोज़आताहूँमगरआँखोंमेंकसकफिरवैसीही
वोरातसितारोंवालीहोगालोंपरतेरेलालीहो
सरजाँघपेतेरीरक्खाहोसीनेकीलपकफिरवैसीही