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Adarsh Akshar
bahut kuchh karna tha is zindagi men
bahut kuchh karna tha is zindagi men | बहुत कुछ करना था इस ज़िंदगी में
- Adarsh Akshar
बहुत
कुछ
करना
था
इस
ज़िंदगी
में
मगर
बस
रह
गए
हम
आशिक़ी
में
- Adarsh Akshar
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गँवाई
किस
की
तमन्ना
में
ज़िंदगी
मैं
ने
वो
कौन
है
जिसे
देखा
नहीं
कभी
मैं
ने
Jaun Elia
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जो
गुज़ारी
न
जा
सकी
हम
से
हम
ने
वो
ज़िन्दगी
गुज़ारी
है
Jaun Elia
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शोर
की
इस
भीड़
में
ख़ामोश
तन्हाई
सी
तुम
ज़िन्दगी
है
धूप
तो
मद-मस्त
पुर्वाई
सी
तुम
चाहे
महफ़िल
में
रहूँ
चाहे
अकेले
में
रहूँ
गूँजती
रहती
हो
मुझ
में
शोख़
शहनाई
सी
तुम
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Kunwar Bechain
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कुछ
दिन
से
ज़िंदगी
मुझे
पहचानती
नहीं
यूँँ
देखती
है
जैसे
मुझे
जानती
नहीं
Anjum Rehbar
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तुम्हारी
मौत
मेरी
ज़िंदगी
से
बेहतर
है
तुम
एक
बार
मरे
मैं
तो
बार
बार
मरा
Zubair Ali Tabish
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हम
भी
क्या
ज़िंदगी
गुज़ार
गए
दिल
की
बाज़ी
लगा
के
हार
गए
Dagh Dehlvi
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हम
हैं
ना!
ये
जो
मुझ
सेे
कहते
हैं
ख़ुद
किसी
और
के
भरोसे
हैं
ज़िंदगी
के
लिए
बताओ
कुछ
ख़ुद-कुशी
के
तो
सौ
तरीक़े
हैं
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Vikram Gaur Vairagi
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बता
रहा
है
झटकना
तेरी
कलाई
का
ज़रा
भी
रंज
नहीं
है
तुझे
जुदाई
का
मैं
ज़िंदगी
को
खुले
दिल
से
खर्च
करता
था
हिसाब
देना
पड़ा
मुझको
पाई-पाई
का
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Azhar Faragh
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खेल
ही
तो
है
जहाँ
मैं
उसका
हूँ
ज़िन्दगी
ये
ट्वीट
बदलेगी
कभी
Neeraj Neer
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क्या
ख़ुशी
में
ज़िंदगी
का
होश
कम
रह
जाएगा
ग़म
अगर
मिट
भी
गया
एहसास-ए-ग़म
रह
जाएगा
Shakeel Badayuni
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कोई
कमी
रखना
नहीं
है
अब
सफ़र
लंबा
नहीं
दुनिया
की
बातों
में
आ
कर
मन
छोटा
तुम
करना
नहीं
वो
दिल
भी
कोई
दिल
हुआ
जो
है
कभी
टूटा
नहीं
तुम
कहती
तो
रुक
जाते
हम
पर
तुमने
तो
रोका
नहीं
शायर
भले
ही
अच्छा
हो
पर
आदमी
अच्छा
नहीं
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Adarsh Akshar
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जल्दी
दुनियादारी
समझो
तरकीबें
तुम
सारी
समझो
जग
को
बेहतर
करना
है
तो
अपनी
ज़िम्मेदारी
समझो
सबके
हिस्से
आ
जाता
है
ग़म
की
कारोबारी
समझो
बात
तुम्हारी
समझी
हमने
अब
तुम
बात
हमारी
समझो
ग़ज़लें
नज़्में
पढ़ते
हो
तो
अपनी
पक्की
यारी
समझो
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Adarsh Akshar
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ग़ज़लें
नज़्में
दोहा
लिक्खा
है
तेरे
ख़ातिर
क्या
क्या
लिक्खा
है
Adarsh Akshar
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आगे
आगे
ज़िंदगी
थी
पीछे
पीछे
ख़ुद-कुशी
थी
रंग
सारे
कह
रहे
हैं
सब
सेे
बेहतर
सादगी
थी
एक
छोटी
बात
उसके
सीधे
दिल
पर
जा
लगी
थी
साथ
देने
की
जगह
पर
दुनिया
मुझ
पर
हँस
रही
थी
बात
दिल
की
कहता
तब-तक
वो
किसी
की
हो
चुकी
थी
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Adarsh Akshar
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आदमी
जब
टूटता
है
तब
निकलता
रास्ता
है
इस
जहाँ
में
सिर्फ़
हमको
आपका
ही
आसरा
है
Adarsh Akshar
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