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Adarsh Akshar
aage aage zindagi thii
aage aage zindagi thii | आगे आगे ज़िंदगी थी
- Adarsh Akshar
आगे
आगे
ज़िंदगी
थी
पीछे
पीछे
ख़ुद-कुशी
थी
रंग
सारे
कह
रहे
हैं
सब
सेे
बेहतर
सादगी
थी
एक
छोटी
बात
उसके
सीधे
दिल
पर
जा
लगी
थी
साथ
देने
की
जगह
पर
दुनिया
मुझ
पर
हँस
रही
थी
बात
दिल
की
कहता
तब-तक
वो
किसी
की
हो
चुकी
थी
- Adarsh Akshar
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ज़िंदगी
यूँँही
बहुत
कम
है
मोहब्बत
के
लिए
रूठ
कर
वक़्त
गँवाने
की
ज़रूरत
क्या
है
Unknown
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हर
एक
काम
है
धोका
हर
एक
काम
है
खेल
कि
ज़िंदगी
में
तमाशा
बहुत
ज़रूरी
है
Khaleel Mamoon
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ज़िंदगी
और
चल
नहीं
सकती
आने
पे
मौत
टल
नहीं
सकती
Afzal Sultanpuri
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जान
भी
अब
दिल
पे
वारी
जाएगी
ये
बला
सर
से
उतारी
जाएगी
एक
पल
तुझ
बिन
गुज़रना
है
कठिन
ज़िन्दगी
कैसे
गुज़ारी
जाएगी
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Anjum Rehbar
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चार
दिन
झूठी
बाहों
के
आराम
से
मेरी
बिखरी
हुई
ज़िंदगी
ठीक
है
दोस्ती
चाहे
जितनी
बुरी
हो
मगर
प्यार
के
नाम
पर
दुश्मनी
ठीक
है
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SHIV SAFAR
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दुख
की
दीमक
अगर
नहीं
लगती
ज़िन्दगी
किस
क़द्र
हसीं
लगती
वस्ल
को
लॉटरी
समझता
हूँ
लॉटरी
रोज़
तो
नहीं
लगती
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Azbar Safeer
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शौक़,लत,आवारगी,अय्याशी
में
गुज़री
हमारी
ज़िन्दगी
अब
तू
मुनासिब
सी
सज़ा
दे
गिनती
करके
Kartik tripathi
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कितना
भी
दर्द
पिला
दे
ख़ुदा
पी
सकता
हूँ
ज़िन्दगी
हिज्र
से
भर
दे
मिरी
जी
सकता
हूँ
हर
दफ़ा
दिल
पे
ही
खा
के
हुई
है
आदत
ये
बंद
आँखों
से
भी
हर
ज़ख़्म
को
सी
सकता
हूँ
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Faiz Ahmad
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ज़िंदगी
तू
ने
मुझे
क़ब्र
से
कम
दी
है
ज़मीं
पाँव
फैलाऊँ
तो
दीवार
में
सर
लगता
है
Bashir Badr
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धूप
में
निकलो
घटाओं
में
नहा
कर
देखो
ज़िंदगी
क्या
है
किताबों
को
हटा
कर
देखो
Nida Fazli
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हो
जब
तलक
बे-नाम
तुम
करना
नहीं
आराम
तुम
गढ़ता
है
वो
आँखों
में
तो
क्यूँ
लेते
उसका
नाम
तुम
नफ़रत
के
इस
माहौल
में
दो
प्यार
का
पैग़ाम
तुम
है
स्वर्ग
तुमको
देखना
तो
जाओ
चारों
धाम
तुम
गिन
कर
के
गुठली
होगा
क्या
चुप
चाप
खाओ
आम
तुम
रावण
दिखे
दोबारा
तो
बन
जाना
झट
से
राम
तुम
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Adarsh Akshar
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पथ
पे
अपने
डटा
रहता
जो
रात
दिन
आगे
चल
कर
वही
कुछ
अलग
करता
है
Adarsh Akshar
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जीने
की
मारा
मारी
क्यूँ
है
सबको
इक
ही
बीमारी
क्यूँ
है
जिसने
देखा
उन
सबने
पूछा
ये
लड़की
इतनी
प्यारी
क्यूँ
है
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Adarsh Akshar
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ज़िंदगी
इक
इम्तिहाँ
है
रोज़
ही
मुश्किल
यहाँ
है
Adarsh Akshar
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बहुत
कुछ
करना
था
इस
ज़िंदगी
में
मगर
बस
रह
गए
हम
आशिक़ी
में
Adarsh Akshar
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