hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Abrar Kashif
is tarah talkh nawaai se nahin chaltaa hai
is tarah talkh nawaai se nahin chaltaa hai | इस तरह तल्ख़ नवाई से नहीं चलता है
- Abrar Kashif
इस
तरह
तल्ख़
नवाई
से
नहीं
चलता
है
काम
दुनिया
में
बुराई
से
नहीं
चलता
है
प्यार
ज़िंदा
है
ज़माने
में
भले
लोगों
से
प्यार
का
नाम
लड़ाई
से
नहीं
चलता
है
मेरे
बच्चों
की
इबादत
भी
है
इस
में
शामिल
घर
फ़क़त
मेरी
कमाई
से
नहीं
चलता
है
- Abrar Kashif
Download Ghazal Image
तुम्हारे
साथ
था
तो
मैं
गम-ए-उल्फ़त
में
उलझा
था
तुम्हें
छोड़ा
तो
ये
जाना
कि
दुनिया
ख़ूब-सूरत
है
Nirbhay Nishchhal
Send
Download Image
5 Likes
दुनिया
की
फ़िक्र
छोड़,
न
यूँँ
अब
उदास
बैठ
ये
वक़्त
रब
की
देन
है,
अम्मी
के
पास
बैठ
Salman Zafar
Send
Download Image
47 Likes
ये
नदी
वर्ना
तो
कब
की
पार
थी
मेरे
रस्ते
में
अना
दीवार
थी
आप
को
क्या
इल्म
है
इस
बात
का
ज़िंदगी
मुश्किल
नहीं
दुश्वार
थी
थीं
कमानें
दुश्मनों
के
हाथ
में
और
मेरे
हाथ
में
तलवार
थी
जल
गए
इक
रोज़
सूरज
से
चराग़
रौशनी
को
रौशनी
दरकार
थी
आज
दुनिया
के
लबों
पर
मुहर
है
कल
तलक
हाँ
साहब-ए-गुफ़्तार
थी
Read Full
ARahman Ansari
Send
Download Image
13 Likes
दुनिया
ने
बोला
के
तुम
सेे
नहीं
होगा
अच्छा
है
मैं
थोड़ा
ऊँचा
सुनता
हूँ
Divy Kamaldhwaj
Send
Download Image
32 Likes
तुम
आसमान
पे
जाना
तो
चाँद
से
कहना
जहाँ
पे
हम
हैं
वहाँ
चांदनी
बहुत
कम
है
Shakeel Azmi
Send
Download Image
49 Likes
ये
दुनिया
ग़म
तो
देती
है
शरीक-ए-ग़म
नहीं
होती
किसी
के
दूर
जाने
से
मोहब्बत
कम
नहीं
होती
Unknown
Send
Download Image
43 Likes
बताऊँ
क्या
तुझे
ऐ
हम-नशीं
किस
से
मोहब्बत
है
मैं
जिस
दुनिया
में
रहता
हूँ
वो
इस
दुनिया
की
औरत
है
Asrar Ul Haq Majaz
Send
Download Image
55 Likes
कल
जहाँ
दीवार
थी
है
आज
इक
दर
देखिए
क्या
समाई
थी
भला
दीवाने
के
सर
देखिए
Javed Akhtar
Send
Download Image
28 Likes
तुम
हुस्न
की
ख़ुद
इक
दुनिया
हो
शायद
ये
तुम्हें
मालूम
नहीं
महफ़िल
में
तुम्हारे
आने
से
हर
चीज़
पे
नूर
आ
जाता
है
Sahir Ludhianvi
Send
Download Image
50 Likes
हम
क्या
करें
अगर
न
तिरी
आरज़ू
करें
दुनिया
में
और
भी
कोई
तेरे
सिवा
है
क्या
Hasrat Mohani
Send
Download Image
33 Likes
Read More
दिया
जला
के
सभी
बाम-ओ-दर
में
रखते
हैं
और
एक
हम
हैं
इसे
रह-गुज़र
में
रखते
हैं
समुंदरों
को
भी
मालूम
है
हमारा
मिज़ाज
कि
हम
तो
पहला
क़दम
ही
भँवर
में
रखते
हैं
Read Full
Abrar Kashif
Send
Download Image
47 Likes
दिल
को
तेरी
ख़्वाहिश
पहली
बार
हुई
इस
सहरा
में
बारिश
पहली
बार
हुई
माँगने
वाले
हीरे
मोती
माँगते
हैं
अश्कों
की
फ़रमाइश
पहली
बार
हुई
डूबने
वाले
इक
इक
कर
के
आ
जाएँ
दरिया
में
गुंजाइश
पहली
बार
हुई
Read Full
Abrar Kashif
Download Image
46 Likes
हर
एक
लफ़्ज़
के
तेवर
ही
और
होते
हैं
तेरे
नगर
के
सुख़न-वर
ही
और
होते
हैं
तुम्हारी
आँखों
में
वो
बात
ही
नहीं
ऐ
दोस्त
डुबोने
वाले
समुंदर
ही
और
होते
हैं
Read Full
Abrar Kashif
Send
Download Image
62 Likes
करती
है
तो
करने
दे
हवाओं
को
शरारत
मौसम
का
तकाज़ा
है
कि
बालों
को
खुला
छोड़
Abrar Kashif
Send
Download Image
61 Likes
वो
तो
अच्छा
है
ग़ज़ल
तेरा
सहारा
है
मुझे
वर्ना
फ़िक्रों
ने
तो
बस
घेर
के
मारा
है
मुझे
जिसकी
तस्वीर
मैं
काग़ज़
पे
बना
भी
न
सका
उसने
मेहँदी
से
हथेली
पे
उतारा
है
मुझे
ग़ैर
के
हाथ
से
मरहम
मुझे
मंज़ूर
नहीं
तुम
मगर
ज़ख़्म
भी
दे
दो
तो
गवारा
है
मुझे
Read Full
Abrar Kashif
Download Image
54 Likes
Read More
Akbar Allahabadi
Krishna Bihari Noor
Shariq Kaifi
Mohammad Alvi
Anjum Rehbar
Abhishar Geeta Shukla
Ali Zaryoun
Zehra Nigaah
Amjad Islam Amjad
Asad Bhopali
Get Shayari on your Whatsapp
War Shayari
Mulaqat Shayari
Kisaan Shayari
haseen Shayari
Wahshat Shayari