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Abhishek Dhakad
har taraf uske raushni hogii
har taraf uske raushni hogii | हर तरफ़ उसके रौशनी होगी
- Abhishek Dhakad
हर
तरफ़
उसके
रौशनी
होगी
माँग
सिंदूर
से
भरी
होगी
वो
वफ़ादार
तो
थी
मेरे
दोस्त
उसकी
कोई
तो
बेबसी
होगी
- Abhishek Dhakad
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सभी
के
दीप
सुंदर
हैं
हमारे
क्या
तुम्हारे
क्या
उजाला
हर
तरफ़
है
इस
किनारे
उस
किनारे
क्या
Hafeez Banarasi
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झूट
पर
उसके
भरोसा
कर
लिया
धूप
इतनी
थी
कि
साया
कर
लिया
Shariq Kaifi
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इक
दिए
से
एक
कमरा
भी
बहुत
है
दिल
जलाने
से
ये
घर
रौशन
हुआ
है
Neeraj Neer
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हमारे
लोग
अगर
रास्ता
न
पाएँगे
शिलाएँ
जोड़
के
पानी
पे
पुल
बनाएँगे
फिर
एक
बार
मनेगी
अवध
में
दीवाली
फिर
एक
बार
सभी
रौशनी
में
आएँगे
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Amit Jha Rahi
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मैं
तो
जस्सर
और
भी
रौशन
हुआ
जब
किसी
ने
भी
बुझाया
देर
तक
Avtar Singh Jasser
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तेरी
यादों
की
धूप
आने
लगी
है
अभी
खुल
जाएगा
मौसम
हमारा
Subhan Asad
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इतना
सच
बोल
कि
होंटों
का
तबस्सुम
न
बुझे
रौशनी
ख़त्म
न
कर
आगे
अँधेरा
होगा
Nida Fazli
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धूप
निकली
है
बारिशों
के
ब'अद
वो
अभी
रो
के
मुस्कुराए
हैं
Anjum Ludhianvi
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घर
में
ठंडे
चूल्हे
पर
अगर
ख़ाली
पतीली
है
बताओ
कैसे
लिख
दूँ
धूप
फागुन
की
नशीली
है
Adam Gondvi
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अभी
रौशन
हुआ
जाता
है
रस्ता
वो
देखो
एक
औरत
आ
रही
है
Shakeel Jamali
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जो
तुम्हारा
पता
करे
कोई
फिर
तो
क्या
ही
वफ़ा
करे
कोई
कैसे
अब
तेरे
हिज्र
से
निकलूँ
हक़
में
मेरे
दु'आ
करे
कोई
जिसकी
ख़ातिर
ये
हाथ
काटे
हैं
उसको
कैसे
जुदा
करे
कोई
अब
तो
दिखता
नहीं
गली
में
वो
बेसबब
क्यूँ
फिरा
करे
कोई
ज़िंदा
रहने
का
छिन
गया
मक़सद
ध्यान
अब
क्यूँ
रखा
करे
कोई
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Abhishek Dhakad
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आबरू
ना
लुटे
किसी
की
अब
है
हवस
की
दवा
पता
करना
Abhishek Dhakad
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हर
गुज़रते
ही
साल
लगता
है
अब
नया
वाला
साल
है
अपना
Abhishek Dhakad
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तुम
जो
आए
तो
फिर
लगा
ऐसा
मिल
गई
फिरसे
ज़िंदगी
मुझको
Abhishek Dhakad
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ख़ामुशी
और
फिर
ये
हालत
है
सच
कहूँ
तो
तेरी
ज़रूरत
है
आप
को
देख
साफ़
दिखता
है
ये
मुहब्बत
नहीं
इनायत
है
तू
कभी
फ़ोन
तक
नहीं
करता
सबको
मुझ
सेे
यही
शिकायत
है
उस
सेे
तुमको
वफ़ा
की
है
उम्मीद
और
नए
दौर
की
वो
औरत
है
इस
क़दर
तन्हा
हूँ
की
मैं
जैसे
ये
उदासी
ही
मेरी
क़िस्मत
है
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Abhishek Dhakad
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