tu samajhta hai teraa hijr gawara karke | तू समझता है तेरा हिज्र गवारा कर के

  - Abbas Tabish
तूसमझताहैतेराहिज्रगवाराकरके
बैठजाएँगेमोहब्बतसेकिनाराकरके
ख़ुद-कुशीकरनेनहींदीतेरीआँखोंनेमुझे
लौटआयाहूँमैंदरियाकानज़ाराकरके
जीतोकरताहैउसेपाँवतलेरौंदनेको
छोड़देताहूँमुक़द्दरकासिताराकरके
करनाहोतर्क-ए-त'अल्लुक़तोकुछऐसेकरना
हमकोतकलीफ़होज़िक्रतुम्हाराकरके
इसलिएउसकोदिलाताहूँमैंग़ुस्सा'ताबिश'
ताकिदेखूँमैंउसेऔरभीप्याराकरके
  - Abbas Tabish
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