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Aatish Indori
shahar dar shahar khaak chaani hai
shahar dar shahar khaak chaani hai | शहर दर शहर ख़ाक छानी है
- Aatish Indori
शहर
दर
शहर
ख़ाक
छानी
है
इश्क़
धोका
है
बात
जानी
है
- Aatish Indori
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वो
कभी
आग़ाज़
कर
सकते
नहीं
ख़ौफ़
लगता
है
जिन्हें
अंजाम
से
Siraj Faisal Khan
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ये
जो
दीवार
अँधेरों
ने
उठा
रक्खी
है
मेरा
मक़्सद
इसी
दीवार
में
दर
करना
है
Azm Shakri
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गुज़ार
देते
हैं
रातें
पहलू
में
उसके
जुगनू
को
भी
दर
का
फ़क़ीर
बना
रखा
है
ALI ZUHRI
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पहले
सौ
बार
इधर
और
उधर
देखा
है
तब
कहीं
डर
के
तुम्हें
एक
नज़र
देखा
है
Majrooh Sultanpuri
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मुझे
अब
तुम
से
डर
लगने
लगा
है
तुम्हें
मुझ
से
मोहब्बत
हो
गई
क्या
Jaun Elia
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रुके
रुके
से
क़दम
रुक
के
बार
बार
चले
क़रार
दे
के
तिरे
दर
से
बे-क़रार
चले
Gulzar
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बात
करो
रूठे
यारों
से
सन्नाटों
से
डर
जाते
हैं
प्यार
अकेला
जी
लेता
है
दोस्त
अकेले
मर
जाते
हैं
Kumar Vishwas
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सखियों
संग
रँगने
की
धमकी
सुनकर
क्या
डर
जाऊँगा
तेरी
गली
में
क्या
होगा
ये
मालूम
है
पर
आऊँगा
Kumar Vishwas
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डर
है
घर
में
कैसे
बोला
जाएगा
छोड़ो
जो
भी
होगा
देखा
जाएगा
मैं
बस
उसका
चेहरा
पढ़कर
जाऊँगा
मेरा
पेपर
सब
सेे
अच्छा
जाएगा
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Vishal Singh Tabish
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हुस्न
ने
शौक़
के
हंगा
में
तो
देखे
थे
बहुत
इश्क़
के
दावा-ए-तक़दीस
से
डर
जाना
था
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Asrar Ul Haq Majaz
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हम
क़रीने
से
निखारे
गए
हैं
ज़िंदगानी
से
गुज़ारे
गए
हैं
Aatish Indori
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की
कोशिश
तो
छटा
छटता
नहीं
वरना
अँधेरा
ज़ेहन
से
हटता
नहीं
वरना
हमारे
काम
तो
दीवानगी
आई
मुहब्बत
का
सफ़र
कटता
नहीं
वरना
मुझे
भाई
तेरी
आँखों
की
सच्चाई
किसी
और
वजह
से
पटता
नहीं
वरना
वो
लड़का
वास्तव
में
मुझ
से
अच्छा
है
तेरे
रस्ते
से
मैं
हटता
नहीं
वरना
बिगड़ते
काम
बनते
देखे
हैं
मैंने
तुम्हारा
नाम
मैं
रटता
नहीं
वरना
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Aatish Indori
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तेरी
हद
से
मैं
बहुत
दूर
निकल
आया
हूँ
मैं
तो
इंदौर
से
कन्नूर
निकल
आया
हूँ
Aatish Indori
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कोई
भी
दूसरा
नहीं
तुम
सा
गुल
दुबारा
खिला
नहीं
तुम
सा
जान-ए-जाँ
इर्द-गिर्द
रहने
दो
दूजा
कोई
मिला
नहीं
तुम
सा
हू-ब-हू
तुम
ही
हो
मगर
जानाँ
उसके
अंदर
हिया
नहीं
तुम
सा
कैसे
मैं
और
किसी
का
हो
जाऊँ
जान
मैं
बे-वफ़ा
नहीं
तुम
सा
रहनुमाई
कहीं
नहीं
मिलती
कोई
भी
पारसा
नहीं
तुम
सा
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Aatish Indori
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सच
को
जानेंगे
तह
देखेंगे
कौन
फ़सादी
हैं
यह
देखेंगे
इस
सेे
पहले
हम
झंडा
था
में
मक़्सद
किसका
क्या
यह
देखेंगे
चल
देंगे
यूँँ
ही
पागल
हैं
क्या
रस्ता
सच्चा
है
यह
देखेंगे
शान
से
लहरे
भारत
का
परचम
पक्का
हो
यह
हम
यह
देखेंगे
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Aatish Indori
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