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Aatish Indori
mujhko sahra-sahra talash karna hai
mujhko sahra-sahra talash karna hai | मुझको सहरा-सहरा तलाश करना है
- Aatish Indori
मुझको
सहरा-सहरा
तलाश
करना
है
मुझको
अपना
लहजा
तलाश
करना
है
तेरे
जाने
के
बाद
यह
होगा
जानाँ
सब
में
तेरा
चेहरा
तलाश
करना
है
- Aatish Indori
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बद-नज़र
से
कभी
नहीं
देखा
तेरी
तस्वीर
भी
कुँवारी
है
Bhavesh Pathak
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ज़ख़्म
की
इज़्ज़त
करते
हैं
देर
से
पट्टी
खोलेंगे
चेहरा
पढ़ने
वाले
चोर
गठरी
थोड़ी
खोलेंगे
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Khurram Afaq
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मैंने
इक
उम्र
से
बटुए
में
सँभाली
हुई
है
वही
तस्वीर
जो
इक
पल
नहीं
देखी
जाती
Jawwad Sheikh
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मेरा
बटुआ
नहीं
होता
है
ख़ाली
तेरी
तस्वीर
की
बरकत
रही
माँ
Satya Prakash Soni
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उतर
गया
है
चेहरा
तेरे
जाने
से
लॉक
नहीं
खुलता
है
अब
मोबाइल
का
Tanoj Dadhich
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भुला
के
दूल्हा
जिसे
बैठता
है
मंडप
में
वो
चेहरा
आख़िरी
फेरे
में
याद
आता
है
Shanawar Kiratpuri
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हसीं
ख़्वाबों
को
अपने
साथ
में
ढोती
हुई
आंँखे
बहुत
प्यारी
लगी
हमको
तेरी
सोती
हुई
आंँखे
मोहब्बत
में
ये
दो
क़िस्से
सुना
है
रोज़
होते
हैं
कभी
हँसता
हुआ
चेहरा
कभी
रोती
हुई
आंँखे
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Naimish trivedi
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अपने
टूटे
फूटे
ख़्वाबों
की
ता'बीर
बनाता
हूँ
मैं
बिखरे
लफ्ज़ों
से
काग़ज़
पर
तस्वीर
बनाता
हूँ
Aves Sayyad
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बहुत
मज़ाक़
उड़ाते
हो
तुम
ग़रीबों
का
मदद
तो
करते
हो
तस्वीर
खींच
लेते
हो
Nawaz Deobandi
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कोई
चेहरा
किसी
को
उम्र
भर
अच्छा
नहीं
लगता
हसीं
है
चाँद
भी,
शब
भर
मगर
अच्छा
नहीं
लगता
Munawwar Rana
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यार
तुम
बद-नसीब
कैसे
हो
बाप
है
फिर
गरीब
कैसे
हो
आप
अटके
शिया
और
सुन्नी
में
फिर
ख़ुदा
के
क़रीब
कैसे
हो
ख़ुद
की
थाली
में
छेद
कर
डाला
यार
इतने
अजीब
कैसे
हो
बूढ़े
बरगद
की
छाँव
में
हो
तुम
बेटे
फिर
ग़म-नसीब
कैसे
हो
तुम
सेे
पूरी
हुई
कहानी
यह
दोस्त
हो
तुम
रक़ीब
कैसे
हो
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Aatish Indori
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ज़िंदगानी
में
कुछ
अच्छा
नहीं
होने
देंगे
दोस्त
कमबख़्त
उसे
मेरा
नहीं
होने
देंगे
Aatish Indori
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कब
मैं
यारों
शराब
पीता
हूँ
मैं
तो
जन्नत
का
आब
पीता
हूँ
Aatish Indori
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मैं
तेरा
हूँ
तू
मेरा
है
इसलिए
दुनिया
ख़फ़ा
है
रास्ता
मुझको
पता
है
बस
यही
मेरी
ख़ता
है
वजह
कुछ
हो
तो
बताऊँ
आदतन
वो
बे-वफ़ा
है
हाँ
नहीं
की
तो
कहोगे
बे-वफ़ा
है
बे-वफ़ा
है
क्या
मज़ा
आएगा
उनको
रास्ता
जिनको
पता
है
आतिश
इंदौरी
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Aatish Indori
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यहाँ
मूढ़ों
का
अब
सम्मान
थोड़ी
है
पुराने
वाला
हिंदुस्तान
थोड़ी
है
सुख़नवर
हो
मगर
एसा
लब-ओ-लहजा
वतन
है
जंग
का
मैदान
थोड़ी
है
लब-ओ-लहजे
ने
ज़ाहिर
कर
दी
सच्चाई
मुहब्बत
का
तो
यह
एलान
थोड़ी
है
ज़रूरी
चीज़
है
हो
दिल
में
मानवता
बिना
इसके
कोई
इंसान
थोड़ी
है
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Aatish Indori
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