hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Aatish Indori
yahaañ moodhon ka ab sammaan thodii hai
yahaañ moodhon ka ab sammaan thodii hai | यहाँ मूढ़ों का अब सम्मान थोड़ी है
- Aatish Indori
यहाँ
मूढ़ों
का
अब
सम्मान
थोड़ी
है
पुराने
वाला
हिंदुस्तान
थोड़ी
है
सुख़नवर
हो
मगर
एसा
लब-ओ-लहजा
वतन
है
जंग
का
मैदान
थोड़ी
है
लब-ओ-लहजे
ने
ज़ाहिर
कर
दी
सच्चाई
मुहब्बत
का
तो
यह
एलान
थोड़ी
है
ज़रूरी
चीज़
है
हो
दिल
में
मानवता
बिना
इसके
कोई
इंसान
थोड़ी
है
- Aatish Indori
Download Ghazal Image
मुझ
से
नफ़रत
है
अगर
उस
को
तो
इज़हार
करे
कब
मैं
कहता
हूँ
मुझे
प्यार
ही
करता
जाए
Iftikhar Naseem
Send
Download Image
29 Likes
कच्चा
सा
घर
और
उस
पर
जोरों
की
बरसात
है
ये
तो
कोई
खानदानी
दुश्मनी
की
बात
है
Saahir
Send
Download Image
14 Likes
इस
आ
समाँ
को
मुझ
सेे
है
क्या
दुश्मनी
"अली"?
भेजूं
अगर
दु'आ
भी
तो
सर
पर
लगे
मुझे
Read Full
Ali Rumi
Send
Download Image
21 Likes
जुदा
किसी
से
किसी
का
ग़रज़
हबीब
न
हो
ये
दाग़
वो
है
कि
दुश्मन
को
भी
नसीब
न
हो
Nazeer Akbarabadi
Send
Download Image
25 Likes
इस
तरह
ज़िंदगी
ने
दिया
है
हमारा
साथ
जैसे
कोई
निबाह
रहा
हो
रक़ीब
से
Sahir Ludhianvi
Send
Download Image
36 Likes
दश्त
छोड़े
हुए
अब
तो
अर्सा
हुआ
मैं
हूँ
मजनूँ
मगर
नाम
बदला
हुआ
मुझको
औरत
के
दुख
भी
पता
हैं
कि
मैं
एक
लड़का
हूँ
बेवा
का
पाला
हुआ
Read Full
Rishabh Sharma
Send
Download Image
35 Likes
ख़ास
तो
कुछ
भी
नहीं
बदला
तुम्हारे
बाद
में
पहले
गुम
रहता
था
तुम
में,
अब
तुम्हारी
याद
में
मोल
हासिल
हो
गया
है
मुझको
इक-इक
शे'र
का
सब
दिलासे
दे
रहे
हैं
मुझको
"जस्सर"
दाद
में
Read Full
Avtar Singh Jasser
Send
Download Image
3 Likes
ऐसे
तेवर
दुश्मन
ही
के
होते
हैं
पता
करो
ये
लड़की
किस
की
बेटी
है
Zia Mazkoor
Send
Download Image
56 Likes
जंग
अपनों
के
बीच
जारी
है
सबके
हाथों
में
इक
कटारी
है
छत
हो
दीवार
हो
कि
दरवाज़ा
सबकी
अपनी
ही
ज़िम्मेदारी
है
Read Full
Santosh S Singh
Send
Download Image
35 Likes
मजबूरी
में
रक़ीब
ही
बनना
पड़ा
मुझे
महबूब
रहके
मेरी
जो
इज़्ज़त
नहीं
हुई
Sabahat Urooj
Send
Download Image
48 Likes
Read More
आपका
फ़ोन
व्यस्त
आता
है
फ़ोन
पर
किस
से
बात
करती
हो
Aatish Indori
Send
Download Image
2 Likes
ध्यान
इतना
ज़रूर
रखते
हैं
बद-ख़यालात
दूर
रखते
हैं
नूर
हम
तो
ज़रूर
रखते
हैं
आप
पर
कोह-ए-नूर
रखते
हैं
हम
बना
लेंगे
बढ़िया
सा
माहौल
हम
भी
भाई
सुरूर
रखते
हैं
दोस्त
हम
लोग
हैं
ग़ज़ल
वाले
बोलने
का
शु'ऊर
रखते
हैं
भले
बंदूक़
लाइसेंसी
हो
लोग
कट्टा
ज़रूर
रखते
हैं
दिल
परेशान
तब
नहीं
करता
ख़ुद
को
जब
चूर-चूर
रखते
हैं
Read Full
Aatish Indori
Download Image
1 Like
हाँ
कभी
की
नहीं
जानाँ
ने
अधर
में
रक्खा
उम्र
भर
मुझको
मुहब्बत
के
सफ़र
में
रक्खा
उसने
हीरों
को
मेरी
राह-गुज़र
में
रक्खा
इसलिए
ख़ुद
को
सदा
मैंने
सफ़र
में
रक्खा
दिल
में
हालाँकि
जगह
दे
नहीं
पाई
लेकिन
उम्र
भर
उसने
मुझे
अपनी
नज़र
में
रक्खा
उम्र
भर
बन
के
किसी
और
की
रही
मनकूहा
उम्र
भर
उसने
किसी
और
को
घर
में
रक्खा
Read Full
Aatish Indori
Download Image
1 Like
गले
लग
झप्पी
ले,
तू
यार
तरीक़े
से
मिल
एक
मुद्दत
में
मिला
है
तू,
सलीक़े
से
मिल
Aatish Indori
Send
Download Image
3 Likes
कुछ
नहीं
कहती
हो
पर
ठीक
नहीं
था
सोनम
यार
का
मछली
पकड़ना
मेरा
चारा
बनना
Aatish Indori
Send
Download Image
1 Like
Read More
Akbar Allahabadi
Krishna Bihari Noor
Shariq Kaifi
Mohammad Alvi
Anjum Rehbar
Abhishar Geeta Shukla
Ali Zaryoun
Zehra Nigaah
Amjad Islam Amjad
Asad Bhopali
Get Shayari on your Whatsapp
Political Shayari
Justaju Shayari
Haalaat Shayari
Anjam Shayari
Parinda Shayari