hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Aatish Indori
sab purane khyaal badlo yaar
sab purane khyaal badlo yaar | सब पुराने ख़याल बदलो यार
- Aatish Indori
सब
पुराने
ख़याल
बदलो
यार
वक़्त
बदला
है
साल
बदलो
यार
मात
हर
बार
थोड़ी
खाऊँगा
वक़्त
के
साथ
चाल
बदलो
यार
एक
थप्पड़
अभी
लगेगा
और
इसलिए
अपना
गाल
बदलो
यार
कर
नहीं
सकती
मैं
अभी
शादी
इसका
मतलब
सवाल
बदलो
यार
फिर
से
इस
में
नहीं
फँसूँगा
मैं
इसलिए
अपना
जाल
बदलो
यार
- Aatish Indori
Download Ghazal Image
सारे
का
सारा
तो
मेरा
भी
नहीं
और
वो
शख़्स
बे-वफ़ा
भी
नहीं
ग़ौर
से
देखने
पे
बोली
है
शादी
से
पहले
सोचना
भी
नहीं
Read Full
Kushal Dauneria
Send
Download Image
85 Likes
दूल्हा-दूल्हन
को
नहीं
तकता
कोई
क्यूँँ
कि
उस
बारात
में
इक
चाँद
है
Shadab Javed
Send
Download Image
44 Likes
मौत
के
साथ
हुई
है
मिरी
शादी
सो
'ज़फ़र'
उम्र
के
आख़िरी
लम्हात
में
दूल्हा
हुआ
मैं
Zafar Iqbal
Send
Download Image
27 Likes
पहले
थोड़ी
मुश्किल
होगी
आगे
लेकिन
मंज़िल
होगी
सब
बाराती
शायर
होंगे
मेरी
शादी
महफ़िल
होगी
Read Full
Tanoj Dadhich
Send
Download Image
57 Likes
मैं
उस
को
देख
के
चुप
था
उसी
की
शादी
में
मज़ा
तो
सारा
इसी
रस्म
के
निबाह
में
था
Muneer Niyazi
Send
Download Image
43 Likes
तुम
भी
शादी
करके
हमको
भूल
गई
हम
भी
नाम
कमाने
में
मसरूफ़
हुए
Tanoj Dadhich
Send
Download Image
29 Likes
जब
तक
होगा
नाम
मेरा
इस
दुनिया
में
तब
तक
तो
उसकी
शादी
हो
जाएगी
Tanoj Dadhich
Send
Download Image
36 Likes
एक
अजब
सानेहा
गुज़रा
है
मेरे
माज़ी
में
मेरी
दिलचस्पी
ख़त्म
हो
गई
है
शादी
में
Vishal Singh Tabish
Send
Download Image
53 Likes
कहाँ
रोते
उसे
शादी
के
घर
में
सो
इक
सूनी
सड़क
पर
आ
गए
हम
Shariq Kaifi
Send
Download Image
28 Likes
तसव्वुर
तजरबा
तेवर
तमन्ना
और
तन्हाई
मिलेंगे
फूल
सब
इस
में
ग़ज़ल
गुलदान
है
यारों
पढ़ाई
नौकरी
शादी
फिर
उसके
बाद
दो
बच्चे
हमारी
ज़िन्दगी
इतनी
कहाँ
आसान
है
यारों
Read Full
Tanoj Dadhich
Send
Download Image
41 Likes
Read More
नंबर
बदला
घर
बदला
दफ़्तर
बदला
उसने
ख़ुद
को
गिरगिट
से
बढ़-कर
बदला
पहले
तो
उसने
मुझको
जी-भर
बदला
फिर
उसने
मन
बदला
और
दिलबर
बदला
उसने
दीवारें
बदली
छप्पर
बदला
मैं
तो
ध्यान
में
उतरा
और
अंबर
बदला
मंज़िल
मैंने
समझी
उसने
मक़ाम
बस
अगले
सफ़र
पे
निकला
तो
रहबर
बदला
अवसाद
से
तू
ही
बाहर
ला
सकता
है
तेरी
इक
समझाइश
ने
मंज़र
बदला
Read Full
Aatish Indori
Download Image
1 Like
वास्ते
ख़ुद
के
मुसीबत
हो
गई
बे-वफ़ाई
एक
आदत
हो
गई
क्या
सबक
हमको
मिला
है
यह
गुना
हर
कहानी
ख़ूब-सूरत
हो
गई
यूँँ
हुआ
बे-रंग
लौटी
बद-दुआ
बद-दुआ
फिर
इक
हक़ीक़त
हो
गई
इश्क़
जब
करते
हो
मेरी
रूह
से
जिस्म
की
फिर
क्यूँँ
ज़रूरत
हो
गई
Read Full
Aatish Indori
Download Image
2 Likes
ज़माना
इक
जिसे
अपना
बनाने
में
लगा
है
वही
इक
शख़्स
अब
मुझको
भुलाने
में
लगा
है
लगे
थे
एक
दो
पल
और
मोहब्बत
हो
गई
थी
ज़माना
पर
ज़माने
को
मनाने
में
लगा
है
मोहब्बत
को
भले
कहता
है
नेमत
ये
ज़माना
मोहब्बत
को
जहाँ
से
पर
मिटाने
में
लगा
है
कोई
'आशिक़
नहीं
है
वो
तो
दीवाना
है
'आतिश'
ग़मों
से
घर
क़रीने
से
सजाने
में
लगा
है
Read Full
Aatish Indori
Download Image
0 Likes
गाँव
की
पहचान
थी
जो
वो
कँगूरा
काट
डाला
पथ
में
रोड़ा
डाल
थी
पर
पेड़
पूरा
काट
डाला
Aatish Indori
Send
Download Image
1 Like
पेड़
की
थोड़ी
छाँव
ले
आना
शह्र
लौटो
तो
गाँव
ले
आना
बात
करनी
है
गर
ग़रीबी
की
राजा
को
नंगे
पाँव
ले
आना
वे
विराजें
तो
राम
राज
आए
राम
जी
की
खड़ाँव
ले
आना
जो
भी
लाओ
धमाल
से
लाओ
मौत
बस
हल्के
पाँव
ले
आना
Read Full
Aatish Indori
Download Image
1 Like
Read More
Akbar Allahabadi
Krishna Bihari Noor
Shariq Kaifi
Mohammad Alvi
Anjum Rehbar
Abhishar Geeta Shukla
Ali Zaryoun
Zehra Nigaah
Amjad Islam Amjad
Asad Bhopali
Get Shayari on your Whatsapp
Aah Shayari
Bekhayali Shayari
Jashn Shayari
Rang Shayari
Ilm Shayari