tum ho so vo hai wagarana hai KHuda kuchh bhi nahin | तुम हो सो वो है, वगरना है ख़ुदा कुछ भी नहीं

  - Aatish Alok
तुमहोसोवोहै,वगरनाहैख़ुदाकुछभीनहीं
जोतुम्हेंहमछोड़देंउसनेरचाकुछभीनहीं
दोस्तमेरेपूछतेथे,'क्याहुआ?कैसेहुआ?
चाहतातोथाकिकहदूँपरकहाकुछभीनहीं
अबवोमेरीदोस्तहैमैंख़ुशबहुतहूँदेखकर
जिसकोकहनाथाबहुतकुछ,कहसकाकुछभीनहीं
'कौनहैवोख़ुशनसीब'उसनेमुझेजबयेकहा
मुस्कुरायाहाँमगरमैंने,कहाकुछभीनहीं
मारडालाहैमुसन्निफ़तालियोंकेवास्ते
इसकहानीमेंचलाकिरदारकाकुछभीनहीं
तुमसमझतेहोनहींक्यूँवोनहींअबआएँगे
कामउनकाझूठकहनेकेसिवाकुछभीनहीं
रौशनीतोहैधमाकाभीइसीकेपासहै
औरइसदुनियामेंआतिशसाबनाकुछभीनहीं
  - Aatish Alok
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