hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Shubham Rai 'shubh'
ik sadi ki traas ho tum ik sadi ki kalpana
ik sadi ki traas ho tum ik sadi ki kalpana | इक सदी की त्रास हो तुम इक सदी की कल्पना
- Shubham Rai 'shubh'
इक
सदी
की
त्रास
हो
तुम
इक
सदी
की
कल्पना
एक
कवि
का
प्रेम
हो
तुम
एक
कवि
की
वेदना
जीत
कर
प्रभु
युद्ध
को
हर
ली
सिया
की
यातना
किन्तु
लंका
से
है
रघुवर
को
बहुत
संवेदना
- Shubham Rai 'shubh'
Download Sher Image
जँचने
लगा
है
दर्द
मुझे
आपका
दिया
बर्बाद
करने
वाले
ने
ही
आसरा
दिया
कल
पहली
बार
लड़ने
की
हिम्मत
नहीं
हुई
मुझको
किसी
के
प्यार
ने
बुजदिल
बना
दिया
Read Full
Kushal Dauneria
Send
Download Image
60 Likes
मैं
आँधियों
के
पास
तलाश-ए-सबा
में
हूँ
तुम
मुझ
से
पूछते
हो
मिरा
हौसला
है
क्या
Ada Jafarey
Send
Download Image
33 Likes
हम
हार
गए
तुम
जीत
गए
हम
ने
खोया
तुम
ने
पाया
इन
छोटी
छोटी
बातों
का
हम
कोई
ख़याल
नहीं
करते
Wali Aasi
Send
Download Image
40 Likes
अच्छी
लड़की
ज़िद
नहीं
करते
देखो
इश्क़
बुरा
होता
है
Ali Zaryoun
Send
Download Image
90 Likes
मैदाँ
में
हार
जीत
का
यूँँ
फ़ैसला
हुआ
दुनिया
थी
उन
के
साथ
हमारा
ख़ुदा
हुआ
Jameel Malik
Send
Download Image
26 Likes
मैं
तुझे
खो
के
भी
ज़िंदा
हूँ
ये
देखा
तूने
किस
क़दर
हौसला
हारे
हुए
इंसान
में
है
Abbas Tabish
Send
Download Image
53 Likes
जब
भी
कोई
मंज़िल
हासिल
करता
हूँ
याद
बहुत
आती
हैं
तेरी
ता'रीफ़ें
Tanoj Dadhich
Send
Download Image
37 Likes
गर
बाज़ी
इश्क़
की
बाज़ी
है,
जो
चाहो
लगा
दो
डर
कैसा
गर
जीत
गए
तो
क्या
कहना,
हारे
भी
तो
बाज़ी
मात
नहीं
Faiz Ahmad Faiz
Send
Download Image
63 Likes
नहीं
निगाह
में
मंज़िल,
तो
जुस्तजू
ही
सही
नहीं
विसाल
मुयस्सर
तो
आरज़ू
ही
सही
Faiz Ahmad Faiz
Send
Download Image
41 Likes
हवा
ख़फ़ा
थी
मगर
इतनी
संग-दिल
भी
न
थी
हमीं
को
शमा
जलाने
का
हौसला
न
हुआ
Qaisar-ul-Jafri
Send
Download Image
28 Likes
Read More
जीतते
ही
तुम
कहीं
अच्छा
सा
कोई
घर
बनाओगे
काम
करने
की
जगह
तुम
घूम
कर
छुट्टी
मनाओगे
Shubham Rai 'shubh'
Send
Download Image
9 Likes
इक
सफ़र
में
तन्हा
छोड़ा
जा
चुका
है
ज़ख़्म
देकर
नाता
तोड़ा
जा
चुका
है
इंतिज़ार-ए-इश्क़
करके
क्या
मिलेगा
प्यार
से
जब
राह
छोड़ा
जा
चुका
है
Read Full
Shubham Rai 'shubh'
Send
Download Image
11 Likes
फँसी
कश्ती
हमारी
है
दुखों
का
बोझ
भारी
है
सँभल
कर
चल
रहा
हूँ
जो
दया
गिरधर
तुम्हारी
है
Read Full
Shubham Rai 'shubh'
Send
Download Image
9 Likes
जो
नहीं
था
वो
बताया
जा
रहा
है
दोष
बस
हम
पे
लगाया
जा
रहा
है
जो
कभी
इल्ज़ाम
मेरे
सिर
नहीं
था
बे-वजह
माथे
चढ़ाया
जा
रहा
है
बैठते
जो
थे
कभी
मेरे
शजर
तल
आज
मुझको
ही
सताया
जा
रहा
है
शुभ
भरोसे
के
नहीं
हक़दार
कोई
है
सही
मुझको
भगाया
जा
रहा
है
Read Full
Shubham Rai 'shubh'
Download Image
12 Likes
कि
दर्द-ए-सुख़न
गुनगुनाते
हुए
ज़रा
ठहरा
तुझको
सुनाते
हुए
सभी
पीर
समझे
मिरा
इसलिए
तुझे
गाया
है
बुदबुदाते
हुए
Read Full
Shubham Rai 'shubh'
Send
Download Image
11 Likes
Read More
Bahadur Shah Zafar
Vishal Bagh
Sarvat Husain
Shahzad Ahmad
Hafeez Banarasi
Unknown
Krishna Bihari Noor
Khalid Nadeem Shani
Shahid Zaki
Abbas Tabish
Get Shayari on your Whatsapp
Sharaab Shayari
Shaayar Shayari
Sooraj Shayari
Jazbaat Shayari
Akhbaar Shayari