hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Shubham Rai 'shubh'
dil nahin lag raha mohabbat ki soche
dil nahin lag raha mohabbat ki soche | दिल नहीं लग रहा, मोहब्बत की सोचे
- Shubham Rai 'shubh'
दिल
नहीं
लग
रहा,
मोहब्बत
की
सोचे
बे-वफ़ा
जिस
तरह,
शराफ़त
की
सोचे
दर्द
उल्फ़त
के
जो
लिए
चल
रहा
है
शख़्स
वो
किस
तरह,
मोहब्बत
की
सोचे
- Shubham Rai 'shubh'
Download Sher Image
मैं
अँधेरों
से
बचा
लाया
था
अपने
आप
को
मेरा
दुख
ये
है
मिरे
पीछे
उजाले
पड़
गए
Rahat Indori
Send
Download Image
49 Likes
अब
लगता
है
ठीक
कहा
था
'ग़ालिब'
ने
बढ़ते
बढ़ते
दर्द
दवा
हो
जाता
है
Madan Mohan Danish
Send
Download Image
128 Likes
दर्द
में
शिद्दत-ए-एहसास
नहीं
थी
पहले
ज़िंदगी
राम
का
बन-बास
नहीं
थी
पहले
Shakeel Azmi
Send
Download Image
34 Likes
कभी
सहर
तो
कभी
शाम
ले
गया
मुझ
से
तुम्हारा
दर्द
कई
काम
ले
गया
मुझ
से
Farhat Abbas Shah
Send
Download Image
37 Likes
सारे
दुख
सो
जाएँगे
लेकिन
इक
ऐसा
ग़म
भी
है
जो
मिरे
बिस्तर
पे
सदियों
का
सफ़र
रख
जाएगा
Azm Shakri
Send
Download Image
33 Likes
आह
को
चाहिए
इक
उम्र
असर
होने
तक
कौन
जीता
है
तिरी
ज़ुल्फ़
के
सर
होने
तक
Mirza Ghalib
Send
Download Image
24 Likes
तेरी
आँखों
में
जो
इक
क़तरा
छुपा
है,
मैं
हूँ
जिसने
छुप
छुप
के
तेरा
दर्द
सहा
है,
मैं
हूँ
एक
पत्थर
कि
जिसे
आँच
न
आई,
तू
है
एक
आईना
कि
जो
टूट
चुका
है,
मैं
हूँ
Read Full
Fauziya Rabab
Send
Download Image
96 Likes
ज़ख़्म
दिल
पर
हज़ार
करता
है
और
कहता
है
प्यार
करता
है
दर्द
दिल
में
उतर
गया
कैसे
कोई
अपना
ही
वार
करता
है
Read Full
Santosh S Singh
Send
Download Image
29 Likes
हम
अपने
दुख
को
गाने
लग
गए
हैं
मगर
इस
में
ज़माने
लग
गए
हैं
Read Full
Madan Mohan Danish
Send
Download Image
38 Likes
और
भी
दुख
हैं
ज़माने
में
मोहब्बत
के
सिवा
राहतें
और
भी
हैं
वस्ल
की
राहत
के
सिवा
Faiz Ahmad Faiz
Send
Download Image
102 Likes
Read More
बुरा
हो
वक़्त
तो
इंसान
भी
ख़ामोश
हो
जाता
सही
से
ज़िंदगी
का
अर्थ
तो
तकलीफ़
समझाता
Shubham Rai 'shubh'
Send
Download Image
11 Likes
निगह
में
मुझे
जिसके
आना
नहीं
था
जहाँ
आना
था
ये
ज़माना
नहीं
था
बिताता
रहा
ज़िंदगी
जिस
तरह
से
मुझे
इस
तरह
से
बिताना
नहीं
था
सता
जो
रही
है
मोहब्बत
मुझे
अब
कि
कल
कह
रही
दिल
लगाना
नहीं
था
ख़ता
इतनी
बस
कर
गया
दिल-लगी
में
तुम्हीं
दिल-नशीं
हो
जताना
नहीं
था
Read Full
Shubham Rai 'shubh'
Download Image
12 Likes
किसी
दहलीज़
पर
कभी
कहाँ
ठहरा
उसी
के
वास्ते
यहाँ
वहाँ
ठहरा
मोहब्बत
की
ख़ुलूस
यार
से
माँगी
दग़ा
करती
गई
जहाँ
जहाँ
ठहरा
Read Full
Shubham Rai 'shubh'
Send
Download Image
13 Likes
मोहब्बत
से
निकलना
जो
कभी
तो
देखना
तुम
किताब-ए-ज़ीस्त
के
पन्नों
में
लिक्खा
क्या
गया
था
Shubham Rai 'shubh'
Send
Download Image
6 Likes
ज़िंदगानी
गुज़र
जाएगी
फिर
कहानी
गुज़र
जाएगी
Shubham Rai 'shubh'
Send
Download Image
10 Likes
Read More
Bahadur Shah Zafar
Vishal Bagh
Sarvat Husain
Shahzad Ahmad
Hafeez Banarasi
Unknown
Krishna Bihari Noor
Khalid Nadeem Shani
Shahid Zaki
Abbas Tabish
Get Shayari on your Whatsapp
Emotional Shayari
Pagal Shayari
Diwali Shayari
Chaand Shayari
Qatil Shayari