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Shivam Tiwari
dil laga baitha hooñ main us ek sukhe ped se
dil laga baitha hooñ main us ek sukhe ped se | दिल लगा बैठा हूँ मैं उस एक सूखे पेड़ से
- Shivam Tiwari
दिल
लगा
बैठा
हूँ
मैं
उस
एक
सूखे
पेड़
से
पंछियों
का
रिश्ता
है
जिस
नेक
सूखे
पेड़
से
इस
तरह
से
रो
रहा
हूँ
देख
कर
जलती
चिता
जैसे
मेरा
रिश्ता
हो
हर
एक
सूखे
पेड़
से
- Shivam Tiwari
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मैं
जंगलों
की
तरफ़
चल
पड़ा
हूँ
छोड़
के
घर
ये
क्या
कि
घर
की
उदासी
भी
साथ
हो
गई
है
Tehzeeb Hafi
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बात
करते
हुए
बे-ख़याली
में
ज़ुल्फ़ें
खुली
छोड़
दी
हम
निहत्थों
पे
उसने
ये
कैसी
बलाएँ
खुली
छोड़
दी
साथ
जब
तक
रहे
एक
लम्हे
को
भी
रब्त
टूटा
नहीं
उसने
आँखें
अगर
बंद
कर
ली
तो
बाँहें
खुले
छोड़
दी
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Khurram Afaq
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मंज़र
बना
हुआ
हूँ
नज़ारे
के
साथ
मैं
कितनी
नज़र
मिलाऊँ
सितारे
के
साथ
मैं
दरिया
से
एक
घूँट
उठाने
के
वास्ते
भागा
हूँ
कितनी
दूर
किनारे
के
साथ
मैं
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Khalid Sajjad
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शर्तें
लगाई
जाती
नहीं
दोस्ती
के
साथ
कीजे
मुझे
क़ुबूल
मिरी
हर
कमी
के
साथ
Waseem Barelvi
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हमारे
कुछ
गुनाहों
की
सज़ा
भी
साथ
चलती
है
हम
अब
तन्हा
नहीं
चलते
दवा
भी
साथ
चलती
है
Munawwar Rana
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हमेशा
साथ
सबके
तो
ख़ुदा
भी
रह
नहीं
सकता
बनाकर
औरतें
उसने
ज़मीं
को
यूँँ
किया
जन्नत
Anukriti 'Tabassum'
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इस
से
पहले
कि
बिछड़
जाएँ
हम
दो
क़दम
और
मिरे
साथ
चलो
मुझ
सा
फिर
कोई
न
आएगा
यहाँ
रोक
लो
मुझको
अगर
रोक
सको
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Nasir Kazmi
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अँधेरों
में
भले
ही
साथ
छोड़ा
था
हमारा
मगर
जब
रौशनी
लौटी
तो
साए
लौट
आए
Vikas Sahaj
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कितनी
मुश्किल
के
बाद
टूटा
है
एक
रिश्ता
कभी
जो
था
ही
नहीं
Shahbaz Rizvi
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अभी
तो
जाग
रहे
हैं
चराग़
राहों
के
अभी
है
दूर
सहर
थोड़ी
दूर
साथ
चलो
Ahmad Faraz
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मैं
उन्हीं
नज़रों
से
तुमको
आह
भर
के
देखता
हूँ
बच्चे
जिन
नज़रों
से
मेले
में
खिलौना
देखते
हैं
Shivam Tiwari
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वर्षों
की
सब
याद
सजा
के
रक्खी
है
घर
में
बस
सामान
नहीं
है,
समझा
कर
Shivam Tiwari
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आदमी
ने
ये
कभी
समझा
नहीं
जिस्म
इक
दीवार
है
रस्ता
नहीं
हाथ
ख़ाली
है
जहाँ
से
जाते
वक़्त
मैंने
कुछ
खोया
नहीं
पाया
नहीं
हर
किसी
से
दिल
लगे
मुमकिन
कहाँ
इश्क़
नेमत
है
कोई
पेशा
नहीं
एक
रस्ता
ही
तो
है
ये
दिल
मिरा
देर
तक
कोई
यहाँ
रुकता
नहीं
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Shivam Tiwari
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बुरे
मंज़र
भी
आँखों
को
डराना
छोड़
देते
हैं
ये
लब
जब
तल्ख़
हो
कर
मुस्कुराना
छोड़
देते
हैं
अजब
माली
है
अच्छे
फूलों
को
ही
तोड़
लेता
है
जो
अच्छे
हैं
वही
अक्सर
ज़माना
छोड़
देते
हैं
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Shivam Tiwari
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पता
मिलता
नहीं
अपना
मुझे
किसी
ने
इस
तरह
खोया
मुझे
सभी
ने
शे'र
समझा
दाद
दी
किसी
ने
भी
नहीं
समझा
मुझे
न
जाने
किस
जगह
पहुँचा
गया
तुम्हारे
घर
का
ये
रस्ता
मुझे
उदासी
क्या
है
ये
समझा
गया
मेरी
ही
उम्र
का
बच्चा
मुझे
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Shivam Tiwari
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