hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Shivam Tiwari
bure manzar bhi aankhoñ ko daraana chhod dete hain
bure manzar bhi aankhoñ ko daraana chhod dete hain | बुरे मंज़र भी आँखों को डराना छोड़ देते हैं
- Shivam Tiwari
बुरे
मंज़र
भी
आँखों
को
डराना
छोड़
देते
हैं
ये
लब
जब
तल्ख़
हो
कर
मुस्कुराना
छोड़
देते
हैं
अजब
माली
है
अच्छे
फूलों
को
ही
तोड़
लेता
है
जो
अच्छे
हैं
वही
अक्सर
ज़माना
छोड़
देते
हैं
- Shivam Tiwari
Download Sher Image
ये
सोचके
तो
दूसरी
कोई
मिट्टी
को
छु'आ
नहीं
के
बाद
मरने
के
हिन्दुस्तां
में
दफनाया
जाऊंगा
karan singh rajput
Send
Download Image
35 Likes
एक
दुख
ये
के
तू
मिलने
नहीं
आया
मुझ
सेे
एक
दुख
ये
के
उस
दिन
मेरा
घर
ख़ाली
था
Tehzeeb Hafi
Send
Download Image
87 Likes
इसलिए
नहीं
रोया
अश'आर
में
वज़्न
से
बाहर
थी
मेरी
सिसकियाँ
Saad Ahmad
Send
Download Image
31 Likes
तिरी
तस्वीर
तो
वा'दे
के
दिन
खिंचने
के
क़ाबिल
है
कि
शर्माई
हुई
आँखें
हैं
घबराया
हुआ
दिल
है
Nazeer Allahabadi
Send
Download Image
23 Likes
बेनतीजा
रह
गईं
दिल्ली
में
सारी
बैठकें
अन्नदाता
खेत
की
मेड़ों
पे
भूखे
मर
गए
Siraj Faisal Khan
Send
Download Image
38 Likes
वो
आ
रहे
हैं,
वो
आते
हैं,
आ
रहे
होंगे
शब-ए-फ़िराक़
ये
कह
कर
गुज़ार
दी
हम
ने
Faiz Ahmad Faiz
Send
Download Image
37 Likes
वो
हमारा
ग़म
चुरा
कर
ले
गया
साथ
अपने
ले
गया
तस्वीर
भी
Meem Alif Shaz
Send
Download Image
0 Likes
जो
भी
होना
था
हो
गया
छोड़ो
अब
मैं
चलता
हूँ
रास्ता
छोड़ो
अब
तो
दुनिया
भी
देख
ली
तुमने
अब
तो
ख़्वाबों
को
देखना
छोड़ो
Read Full
Vikram Sharma
Send
Download Image
39 Likes
बंदा
किसी
के
साथ,
ख़ुदा
हो
किसी
के
साथ
जाने
पराए
शहर
में
क्या
हो
किसी
के
साथ
Mueed Mirza
Send
Download Image
28 Likes
गए
ज़माने
की
चाप
जिन
को
समझ
रहे
हो
वो
आने
वाले
उदास
लम्हों
की
सिसकियाँ
हैं
Aanis Moin
Send
Download Image
21 Likes
Read More
इस
कमरे
में
लाश
पड़ी
है
चाहत
की
और
यहाँ
इक
याद
भटकती
रहती
है
Shivam Tiwari
Send
Download Image
5 Likes
मुहब्बत
के
किसी
अंजाम
से
अंजान
मत
होना
किसी
की
जान
हो
जाना
मगर
पहचान
मत
होना
बहुत
सुलझे
हुए
इक
आदमी
ने
राय
दी
मुझको
ये
दुनिया
है
नज़र
में
इसकी
तुम
आसान
मत
होना
Read Full
Shivam Tiwari
Send
Download Image
1 Like
मैं
उन्हीं
नज़रों
से
तुमको
आह
भर
के
देखता
हूँ
बच्चे
जिन
नज़रों
से
मेले
में
खिलौना
देखते
हैं
Shivam Tiwari
Send
Download Image
0 Likes
आदमी
ने
ये
कभी
समझा
नहीं
जिस्म
इक
दीवार
है
रस्ता
नहीं
हाथ
ख़ाली
है
जहाँ
से
जाते
वक़्त
मैंने
कुछ
खोया
नहीं
पाया
नहीं
हर
किसी
से
दिल
लगे
मुमकिन
कहाँ
इश्क़
नेमत
है
कोई
पेशा
नहीं
एक
रस्ता
ही
तो
है
ये
दिल
मिरा
देर
तक
कोई
यहाँ
रुकता
नहीं
Read Full
Shivam Tiwari
Download Image
1 Like
तुम्हारे
जैसी
ही
है
ये
दुनिया
लगी
थी
अपनी
मगर
नहीं
है
Shivam Tiwari
Send
Download Image
2 Likes
Read More
Bahadur Shah Zafar
Vishal Bagh
Sarvat Husain
Shahzad Ahmad
Hafeez Banarasi
Unknown
Krishna Bihari Noor
Khalid Nadeem Shani
Shahid Zaki
Abbas Tabish
Get Shayari on your Whatsapp
Nature Shayari
Mayoosi Shayari
Mehboob Shayari
Shadi Shayari
Azal Shayari