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Yogamber Agri
ilm tha ham ko hamaara bond tootega hi ik dinus ko akshar kaarbon ka bond aata tha banaana
ilm tha ham ko hamaara bond tootega hi ik dinus ko akshar kaarbon ka bond aata tha banaana | इल्म था हम को हमारा बॉन्ड टूटेगा ही इक दिन
- Yogamber Agri
इल्म
था
हम
को
हमारा
बॉन्ड
टूटेगा
ही
इक
दिन
उस
को
अक्सर
कार्बन
का
बॉन्ड
आता
था
बनाना
- Yogamber Agri
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आदमिय्यत
और
शय
है
इल्म
है
कुछ
और
शय
कितना
तोते
को
पढ़ाया
पर
वो
हैवाँ
ही
रहा
Sheikh Ibrahim Zauq
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मेरे
अश'आर
पढ़ने
वाले
लोग
तेरी
तस्वीर
माँग
बैठे
हैं
Shadab Javed
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बहुत
से
ग़म
समेट
कर
बनाई
एक
डायरी
चुवाव
देख
रात
भर
बनाई
एक
डायरी
ये
हर्फ़
हर्फ़
लफ़्ज़
लफ़्ज़
क़ब्र
है
वरक़
वरक़
दिल-ए-हज़ीं
से
इस
क़दर
बनाई
एक
डायरी
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Aves Sayyad
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लिक्खा
गया
न
कुछ
कभी
मुझ
सेे
जवाब
में
रक्खा
ही
रह
गया
है
तेरा
ख़त
किताब
में
Ankit Maurya
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अब
मज़ीद
उस
सेे
ये
रिश्ता
नहीं
रक्खा
जाता
जिस
सेे
इक
शख़्स
का
पर्दा
नहीं
रक्खा
जाता
पढ़ने
जाता
हूँ
तो
तस्में
नहीं
बाँधे
जाते
घर
पलटता
हूँ
तो
बस्ता
नहीं
रक्खा
जाता
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Tehzeeb Hafi
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बारूद
के
बदले
हाथों
में
आ
जाए
किताब
तो
अच्छा
हो
ऐ
काश
हमारी
आँखों
का
इक्कीसवाँ
ख़्वाब
तो
अच्छा
हो
Ghulam Mohammad Qasir
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उतारा
दिल
के
वरक़
पर
तो
कितना
पछताया
वो
इंतिसाब
जो
पहले
बस
इक
किताब
पे
था
Aanis Moin
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हद
से
बढ़े
जो
इल्म
तो
है
जहल
दोस्तो
सब
कुछ
जो
जानते
हैं
वो
कुछ
जानते
नहीं
Khumar Barabankvi
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एक
आवाज़
पे
आ
जाती
है
दौड़ी
दौड़ी
दश्त-ओ-सहरा-ओ-बयाबान
नहीं
देखती
है
दोस्ती
दोस्ती
होती
है
तुम्हें
इल्म
नहीं
दोस्ती
फ़ाइदा
नुक़सान
नहीं
देखती
है
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Aadil Rasheed
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तुम
को
तो
बस
हुस्न
के
नंबर
मिलते
हैं
उसका
सोचो
जिसको
पढ़ना
पड़ता
है
Kafeel Rana
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लिखे
जो
शे'र
उस
पे
हम
वही
तुम
को
सुनाते
हैं
ये
सब
उसका
दिया
है
आज़
जो
हम
मुस्कुराते
हैं
यूँँ
तो
तहज़ीब
से
तुम
सब
ग़ज़ल
के
शे'र
सुनते
हो
तो
फिर
तुम
दाद
में
यूँँ
सीटियाँ
ही
क्यूँ
बजाते
हैं
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Yogamber Agri
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तुम
धूप
हो
मेरी
मैं
पौधा
तेरे
बिन
यानी
बिन
धूप
के
फोटोसिंथेसिस
का
नहीं
होना
Yogamber Agri
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जिसको
देखे
वो
जब
भी
उसका
वो
हो
जाता
है
शीशा
कुछ
नहीं
जब
भी
चेहरा
वो
हो
जाता
है
प्यारी
सी
ग़ज़ल
है
वो,
शे'र
उसकी
आँखें
हैं
जब
ग़ज़ल
से
गुज़रे
तो
मिसरा
वो
हो
जाता
है
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Yogamber Agri
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मुझ
को
उस
से
लड़ना
या
जीतना
नहीं
है
बस
है
वो
साथ
मेरे
ये
जीत
काफ़ी
है
मुझ
को
Yogamber Agri
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अब
किसी
का
ख़ूब-सूरत
चेहरा
देखूँ
मैं
अगर
तो
सोचता
हूँ
कितना
उसका
हिज्र
प्यारा
उम्दा
होगा
Yogamber Agri
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