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Yogamber Agri
tum dhoop ho meri main paudha tere bin yaanii
tum dhoop ho meri main paudha tere bin yaanii | तुम धूप हो मेरी मैं पौधा तेरे बिन यानी
- Yogamber Agri
तुम
धूप
हो
मेरी
मैं
पौधा
तेरे
बिन
यानी
बिन
धूप
के
फोटोसिंथेसिस
का
नहीं
होना
- Yogamber Agri
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काँटों
से
दिल
लगाओ
जो
ता-उम्र
साथ
दें
फूलों
का
क्या
जो
साँस
की
गर्मी
न
सह
सकें
Akhtar Shirani
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मैं
बहुत
ख़ुश
था
कड़ी
धूप
के
सन्नाटे
में
क्यूँँ
तेरी
याद
का
बादल
मेरे
सर
पर
आया
Ahmad Mushtaq
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शदीद
गर्मी
में
कैसे
निकले
वो
फूल-चेहरा
सो
अपने
रस्ते
में
धूप
दीवार
हो
रही
है
Shakeel Jamali
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जली
हैं
धूप
में
शक्लें
जो
माहताब
की
थीं
खिंची
हैं
काँटों
पे
जो
पत्तियाँ
गुलाब
की
थीं
Dagh Dehlvi
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हाल
पूछा
न
करे
हाथ
मिलाया
न
करे
मैं
इसी
धूप
में
ख़ुश
हूँ
कोई
साया
न
करे
Kashif Husain Ghair
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धूप
में
निकलो
घटाओं
में
नहा
कर
देखो
ज़िंदगी
क्या
है
किताबों
को
हटा
कर
देखो
Nida Fazli
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उस
वक़्त
भी
अक्सर
तुझे
हम
ढूँढने
निकले
जिस
धूप
में
मज़दूर
भी
छत
पर
नहीं
जाते
Munawwar Rana
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तुम
सेे
इक
दिन
कहीं
मिलेंगे
हम
ख़र्च
ख़ुद
को
तभी
करेंगे
हम
धूप
निकली
है
तेरी
बातों
की
आज
छत
पर
पड़े
रहेंगे
हम
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Swapnil Tiwari
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पास
हमारे
आकर
वो
शर्माती
है
तब
जाकर
के
एक
ग़ज़ल
हो
पाती
है
उसको
छूना
छोटा
मोटा
खेल
नहीं
गर्मी
क्या
सर्दी
में
लू
लग
जाती
है
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Tanoj Dadhich
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तेज़
धूप
में
आई
ऐसी
लहर
सर्दी
की
मोम
का
हर
इक
पुतला
बच
गया
पिघलने
से
Qateel Shifai
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दर्द
में
जो
रोते
होंगे
मेरे
जैसे
होते
होंगे
बे-वफ़ा
तो
वो
नहीं
है
उम्र
भर
ग़म
ढोते
होंगे
पेड़
सब
पीले
पड़े
है
उड़
गए
सब
तोते
होंगे
मेरे
आँसू
चुप
हैं
जैसे
बहने
से
वो
खोते
होंगे
काँटे
क़िस्मत
में
हैं
जैसे
काँटे
हर
पल
बूते
होंगे
हम-सफ़र
साँसें
ले
बैठा
ख़्वाब
मेरे
रोते
होंगे
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Yogamber Agri
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क़सम
लेते
ही
उसका
नाम
लोगे
तो
इन
बातों
से
कब
तक
काम
लोगे
सफ़र
तो
फिर
ख़त्म
हो
ही
चुका
है
कहाँ
तक
हाथ
उसका
थाम
लोगे
अदावत
कर
ही
लोगे
तुम
भी
मुझ
से
मुसीबत
में
मेरा
तुम
नाम
लोगे
हवा
थी
वो
जिसे
तुम
ख़्वाब
समझे
कहाँ
कब
तक
उसे
तुम
थाम
लोगे
गई
वो
तुम
ने
हालत
देखी
अपनी
पड़े
साक़ी
से
कब
तक
जाम
लोगे
नदामत
भी
नहीं
उसको
करम
पे
भरम
है
तुम
कहाँ
तक
ताम
लोगे
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Yogamber Agri
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ज़ख़्म
उसने
दिए
हैं
मुझ
को
पर
मैं
मोहब्बत
उसी
से
करता
हूँ
Yogamber Agri
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सच
कहूँ
मैं
ने
नहीं
देखा
ख़ुदा
को
हरगिज़
हाँ
मगर
मैंने
यक़ीनन
माँ
को
तो
देखा
है
Yogamber Agri
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तीन
हफ़्तों
तक
मैं
भी
तो
कहाँ
से
सोया
था
तीन
बार
जब
उसने
लव
यूँ
टू
कहा
मुझ
को
Yogamber Agri
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