thak haar ke hayaat se phir aur kya hua | थक हार के हयात से फिर और क्या हुआ

  - ALI ZUHRI
थकहारकेहयातसेफिरऔरक्याहुआ
वोरस्सीसेकियाहुआवा'दावफ़ाहुआ
बसआरज़ूमेंमौतकीथेज़िंदगीकेसाथ
हमसेकभीज़िंदगीकाहक़अदाहुआ
इकशहरथाकिप्यारभरेलोगथेजहाँ
जानेवोलोगक्याहुएवोशहरक्याहुआ
सागरजोबहरहाथामुयस्सरसभीकोथा
अबक्याझगड़नाइसपेमुझेकमअताहुआ
हरएकशख़्समेंबसीहैबुग़्ज़कीमहक
हरएककोयहाँहैकिसीनेछलाहुआ
हरसम्तएकशख़्सहैबिखराहुआयहाँ
हैकैसाहाओ-हूकातमाशालगाहुआ
  - ALI ZUHRI
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