bichhad ke hamse na jaane kidhar gaya hogaa | बिछड़ के हम सेे न जाने किधर गया होगा

  - ALI ZUHRI
बिछड़केहमसेेजानेकिधरगयाहोगा
वोरेतबनकेकहींपरबिखरगयाहोगा
वोचाँदपेजोनज़रआतीहैख़ूँकीलाली
किसीकाइश्क़हदोंसेगुज़रगयाहोगा
लगाकेआगसभीहुस्न-आफ़रीनोंको
तुम्हारेशहरकामौसमसुधरगयाहोगा
जगहजगहजोमोहब्बतकारागगाताथा
वोशख़्सवक़्तसेपहलेहीमरगयाहोगा
जिसेकभीजाँसेज़्यादाअज़ीज़लगतेथेहम
अबउसकेदिलमेंकोईऔरउतरगयाहोगा
निशाँजोइश्क़कागर्दनपेछोड़ताथावो
बदनकोचूमनेसेक्यानिखरगयाहोगा
हमींथेजोचलेजातेथेउनकेकूचेमें
हमारेबादकोईउधरगयाहोगा
कुछइसलिएभीहाँमजनूँकोमारेथेपत्थर
ज़मानाइश्क़कीजुर्रतसेडरगयाहोगा
मेरेसिवाकिसीकोचाहतीरहीहोतुम
येदिलजवानीमेंनादानीकरगयाहोगा
  - ALI ZUHRI
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy