labon pe rakh labon ko tu mujhe KHaamosh karti hai | लबों पे रख लबों को तू मुझे ख़ामोश करती है

  - ALI ZUHRI
लबोंपेरखलबोंकोतूमुझेख़ामोशकरतीहै
लिपटकरजिस्मसेमेरेमुझेरू-पोशकरतीहै
नशेकीलतनहींमुझकोनशाबेशकख़राबीहै
गुलाबीआँखजाँतेरीमुझेमदहोशकरतीहै
तेरेपहलूमेंरहनेसेमहकताहैबदनमेरा
निखारेरूपकोमेरेमुझेगुल-पोशकरतीहै
ज़मानेभरकीसबतल्ख़ीअचानकभूलजाताहूँ
निगाहोंसेमुझेअपनीतूजबमय-नोशकरतीहै
  - ALI ZUHRI
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