ab mohabbat vo kahii aur nibhaata hogaa | अब मोहब्बत वो कहीं और निभाता होगा

  - ALI ZUHRI
अबमोहब्बतवोकहींऔरनिभाताहोगा
किसीजंगलमेंनयापेड़लगाताहोगा
किसक़दरशौक़हैआँखोंमेंबसेरहनेका
जानेकिसकोवोहसींख़्वाबदिखाताहोगा
उसकेकानोंकीवोबालीभीचमकतीहोगी
औरकंगनसेवोलोगोंकोलुभाताहोगा
मुझकोदेकरकेगयाहैग़म-ए-हिज्राँअपना
मेरेहिस्सेकीख़ुशीकिसपेलुटाताहोगा
उसकीआदतहैबिनाबातकेग़ुस्साकरना
कौनउसकेयेसभीनाज़उठाताहोगा
पूछताहोगामेराहाल-ए-फ़ुसूँलोगोंसे
मेरीहालतपेभीअफ़सोसजताताहोगा
अपनेसाएपेउसेशर्मतोआतीहोगी
औरशीशेमेंनयाचेहरासताताहोगा
यूँँअचानकसेमिलजाऊँकहींपरउसको
राहसेजातेहुएमुँहकोछुपाताहोगा
  - ALI ZUHRI
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