कोईगुल्लकघरमेंअपनेरक्खूँ
फिरउसमेंअपनेग़मसारेरक्खूँ
अपनीमहबूबासउलफ़तरक्खूँ
परदिलभीकाबूमेंअपनेरक्खूँ
जबतुझकोअपनेख़्वाबोंमेंदेखूँ
तोदिनभरतुझकोपलकोंपेरक्खूँ
शराबवोजबभीपीनीहोमुझको
अपनेलबकोतेरेलबपेरक्खूँ
रातोंकोउठकेजोतारेदेखूँ
फिरउनकोतेरेहाथोंपेरक्खूँ
जबजंगलमेंकोईजुग्नूदेखूँ
मैंउनकोतेरीराहोंपेरक्खूँ
मैंलिखनेकोजबभीग़ज़लेंसोचूँ
चेहरेकोतेरेकाग़ज़पेरक्खूँ