koi gullak ghar men apne rakhoon | कोई गुल्लक घर में अपने रक्खूँ

  - ALI ZUHRI
कोईगुल्लकघरमेंअपनेरक्खूँ
फिरउसमेंअपनेग़मसारेरक्खूँ
अपनीमहबूबासउलफ़तरक्खूँ
परदिलभीकाबूमेंअपनेरक्खूँ
जबतुझकोअपनेख़्वाबोंमेंदेखूँ
तोदिनभरतुझकोपलकोंपेरक्खूँ
शराबवोजबभीपीनीहोमुझको
अपनेलबकोतेरेलबपेरक्खूँ
रातोंकोउठकेजोतारेदेखूँ
फिरउनकोतेरेहाथोंपेरक्खूँ
जबजंगलमेंकोईजुग्नूदेखूँ
मैंउनकोतेरीराहोंपेरक्खूँ
मैंलिखनेकोजबभीग़ज़लेंसोचूँ
चेहरेकोतेरेकाग़ज़पेरक्खूँ
  - ALI ZUHRI
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