zindagi ko kharab kar raha hooñ | ज़िंदगी को ख़राब कर रहा हूँ

  - ALI ZUHRI
ज़िंदगीकोख़राबकररहाहूँ
दिलपेतारीअज़ाबकररहाहूँ
एकलड़कीकोसोचसोचकेमैं
दिलकोमिस्ल-ए-गुलाबकररहाहूँ
आदतेंलगगईंहैंमयकशीकी
पानीकोभीशराबकररहाहूँ
हालत-ए-दिलगुज़ारकरख़ुदपे
बीतेमाज़ीकोख़्वाबकररहाहूँ
औरदुनियामेंखोचुकाहूँमैं
रम्ज़-ए-पर्दाहिजाबकररहाहूँ
मेरेग़ममेरेहैंमैंहीजानूँ
ख़त्मसबसेेहिसाबकररहाहूँ
  - ALI ZUHRI
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