jaati nahin chhupaai men'yaar sha'iron se | जाती नहीं छुपाई में'यार शाइ'रों से

  - Wasim Jamshedpuri
जातीनहींछुपाईमें'यारशाइ'रोंसे
उम्मीदहैबहुतहीबेकारशाइ'रोंसे
कश्तीबदलकेखींचेकोईहिजाज़अपना
हैइंक़िलाबबरपाबेदारशाइ'रोंसे
देखामजालहमनेकीहैबुज़दिलोंमें
लर्ज़ाहैनफ़रतीहरदीवारशाइ'रोंसे
बरसोंरहेपुजारीग़ुर्बतमेंदिनहैकाटे
अबहैजदीदमंज़रबाज़ारशाइ'रोंसे
मदहोशआगदहकीथीजिनपेदिल-लगीकी
जलकरवसीमउभरेतय्यारशाइ'रोंसे
  - Wasim Jamshedpuri
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy