hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Tiwari Jitendra
kisi ke darmiyaañ to pyaar rahne do
kisi ke darmiyaañ to pyaar rahne do | किसी के दरमियाँ तो प्यार रहने दो
- Tiwari Jitendra
किसी
के
दरमियाँ
तो
प्यार
रहने
दो
अभी
तो
आँख
में
दीवार
रहने
दो
जहाँ
पे
ख़त
नहीं
आवाज़
जाती
हैं
हमारे
पास
वो
दरबार
रहने
दो
ख़ुदा
भी
रो
पड़ेगा
देख
लेना
तुम
ख़ुदा
के
पास
में
अख़बार
रहने
दो
सियासत
में
न
उलझो
उम्र
छोटी
है
अमन
फैला
रहे
सरकार
रहने
दो
मुझे
तब
दुश्मनी
भी
खेल
लगती
हैं
हमारे
हाथ
जब
तलवार
रहने
दो
- Tiwari Jitendra
Download Ghazal Image
सजा
दूँ
मांँग
मैं
तेरी
लहू
से
आज
मैं
अपने
बुरा
मानो
अगर
मेरे
न
तुम
सरकार,
होली
में
Shashank Shekhar Pathak
Send
Download Image
2 Likes
ऐसा
नहीं
बस
आज
तुझे
प्यार
करेंगे
ता'उम्र
यही
काम
लगातार
करेंगे
सरकार
करेगी
नहीं
इस
देश
का
उद्धार
उद्धार
करेंगे
तो
कलाकार
करेंगे
Read Full
Tanoj Dadhich
Send
Download Image
57 Likes
इस
दौर-ए-सियासत
का
इतना
सा
फ़साना
है
बस्ती
भी
जलानी
है
मातम
भी
मनाना
है
Unknown
Send
Download Image
84 Likes
दीवार
उठाने
की
तिजारत
नहीं
आई
दिल्ली
में
रहे
और
सियासत
नहीं
आई
बिकने
को
तो
दिल
बिक
गया
बाज़ार
में
लेकिन
जो
आप
बताते
थे
वो
क़ीमत
नहीं
आई
Read Full
Obaid Azam Azmi
Send
Download Image
26 Likes
सियासत
के
चेहरे
पे
रौनक़
नहीं
ये
औरत
हमेशा
की
बीमार
है
Shakeel Jamali
Send
Download Image
25 Likes
ले
लो
बोसा
अपना
वापस
किस
लिए
तकरार
की
क्या
कोई
जागीर
हम
ने
छीन
ली
सरकार
की
Akbar Merathi
Send
Download Image
22 Likes
मुहब्बत
में
हमने
सियासत
न
की
तभी
इश्क़
में
कोई
बरकत
न
की
उसे
मानता
था
मैं
अपना
ख़ुदा
कभी
उसकी
लेकिन
इबादत
न
की
Read Full
RAJAT AWASTHI
Send
Download Image
6 Likes
भले
ही
प्यार
हो
या
हिज्र
हो
या
फिर
सियासत
हो
कुछ
ऐसे
दोस्त
थे
हर
बात
पर
अश'आर
कहते
थे
Siddharth Saaz
Send
Download Image
10 Likes
इन
से
उम्मीद
न
रख
हैं
ये
सियासत
वाले
ये
किसी
से
भी
मोहब्बत
नहीं
करने
वाले
Nadim Nadeem
Send
Download Image
22 Likes
चुप
रहते
हैं
चुप
रहने
दो
राज़
बताओ
खोले
क्या
बात
वफ़ा
की
तुम
करती
हो
बोलो
हम
कुछ
बोले
क्या
उल्फ़त
तो
अफ़साना
है
तुम
करती
खूब
सियासत
हो
हम
भी
हैं
मक़बूल
बहुत
अब
बोल
किसी
के
होलें
क्या
Read Full
Anand Raj Singh
Send
Download Image
76 Likes
Read More
मर
गया
हूँ
मैं
किसी
की
दिल-लगी
में
ख़ाक
है
बस
जिस्म
मेरी
ज़िंदगी
में
मैं
रहा
हूँ
एक
दरिया
इक
सदी
में
दिल
तड़पता
है
अभी
भी
तिश्नगी
में
कुछ
नहीं
था
यार
उसके
पास
मैं
था
आज
सब
कुछ
है
नहीं
मैं
ज़िंदगी
में
मैं
समझता
था
ख़ुदा
उसको
तभी
तो
जी
रहा
था
मैं
उसी
की
बंदगी
में
जीत
तुमको
है
ज़माने
सा
बदलना
जी
नहीं
पाओगे
इतनी
सादगी
में
Read Full
Tiwari Jitendra
Download Image
2 Likes
ख़ुदा
मेरी
गुज़ारिश
है
न
सबके
साथ
ऐसा
कर
किसी
के
सर
से
उसके
बाप
का
साया
न
छीना
कर
Tiwari Jitendra
Send
Download Image
1 Like
कभी
दिल
लग
गया
था
कुछ
बरस
पहले
किताबों
से
गुलाबों
को
किताबों
में
अगर
रखना
यही
कहना
Tiwari Jitendra
Send
Download Image
2 Likes
हमेशा
ही
दुखा
है
बस
हमारा
दिल
नहीं
देखा
किसी
का
और
प्यारा
दिल
वफ़ा
को
बेच
कर
पैसे
कमाना
भी
मुहब्बत
में
गया
इक
और
मारा
दिल
Read Full
Tiwari Jitendra
Send
Download Image
2 Likes
हम
अदावत
कर
रहें
हैं
अब
कि
अपनी
रूह
से
तुम
मोहब्बत
के
हमें
क़िस्से
सुनाते
रोज़
हो
Tiwari Jitendra
Send
Download Image
1 Like
Read More
Akbar Allahabadi
Krishna Bihari Noor
Shariq Kaifi
Mohammad Alvi
Anjum Rehbar
Abhishar Geeta Shukla
Ali Zaryoun
Zehra Nigaah
Amjad Islam Amjad
Asad Bhopali
Get Shayari on your Whatsapp
Mashwara Shayari
Motivational Shayari in Hindi
Raaz Shayari
Depression Shayari
Sharaab Shayari