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Tiwari Jitendra
KHuda meri guzarish hai na sabke saath aisa kar
KHuda meri guzarish hai na sabke saath aisa kar | ख़ुदा मेरी गुज़ारिश है न सबके साथ ऐसा कर
- Tiwari Jitendra
ख़ुदा
मेरी
गुज़ारिश
है
न
सबके
साथ
ऐसा
कर
किसी
के
सर
से
उसके
बाप
का
साया
न
छीना
कर
- Tiwari Jitendra
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हाए
कोई
दवा
करो
हाए
कोई
दु'आ
करो
हाए
जिगर
में
दर्द
है
हाए
जिगर
को
क्या
करूँँ
Hafeez Jalandhari
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बे-आरज़ू
भी
ख़ुश
हैं
ज़माने
में
बाज़
लोग
याँ
आरज़ू
के
साथ
भी
जीना
हराम
है
Shuja Khawar
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तुझ
से
सौ
बार
मिल
चुके
लेकिन
तुझ
से
मिलने
की
आरज़ू
है
वही
Jaleel Manikpuri
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ग़म-ए-ज़माना
ने
मजबूर
कर
दिया
वर्ना
ये
आरज़ू
थी
कि
बस
तेरी
आरज़ू
करते
Akhtar Shirani
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ग़म-ए-हयात
ने
आवारा
कर
दिया
वर्ना
थी
आरज़ू
कि
तिरे
दर
पे
सुब्ह
ओ
शाम
करें
Majrooh Sultanpuri
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दु'आ
में
माँग
लूँ
मैं
उसको
लेकिन
फ़क़त
पाना
मेरा
मक़सद
नहीं
है
Shadab Asghar
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जो
दोस्त
हैं
वो
माँगते
हैं
सुलह
की
दु'आ
दुश्मन
ये
चाहते
हैं
कि
आपस
में
जंग
हो
Lala Madhav Ram Jauhar
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उम्र-ए-दराज़
माँग
के
लाई
थी
चार
दिन
दो
आरज़ू
में
कट
गए
दो
इंतिज़ार
में
Seemab Akbarabadi
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माँ
की
करते
हुए
ख़िदमत
मुझे
आ
जाए
क़ज़ा
ऐ
ख़ुदा
एक
ये
बेटे
की
दु'आ
है
तुझ
सेे
''Akbar Rizvi"
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ईद
के
रोज़
यही
अपनी
दु'आ
है
रब
से
मुल्क
में
अमन
का,
उलफ़त
का
बसेरा
हो
जाए
हर
परेशानी
से
हर
शख़्स
को
मिल
जाए
नजात
इस
सियह
रात
का
बस
जल्द
सवेरा
हो
जाए
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Zaki Azmi
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नफ़रतों
के
दौर
में
तुम
ये
ख़ता
करते
रहो
दुश्मनों
से
दिल
लगाओ
कुछ
वफ़ा
करते
रहो
Tiwari Jitendra
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उसी
से
दुश्मनी
करने
लगा
था
जिसे
मैं
घर
में
लाना
चाहता
था
Tiwari Jitendra
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अभी
तक
बह
रहा
है
ख़ून
मेरा
निशां
उसके
मिटाना
चाहता
था
Tiwari Jitendra
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पुराने
ज़ख़्म
को
ज़िन्दा
न
कर
बैठे
किसी
के
साथ
में
रिश्ता
न
कर
बैठे
मुझे
मेरी
तरह
का
चाहिए
दुश्मन
अना
के
साथ
समझौता
न
कर
बैठे
हया
अच्छी
मगर
इतनी
नहीं
साहब
मुझे
ही
देखकर
पर्दा
न
कर
बैठे
हुनर
है
एक
ही
ग़म
बाँटने
का
बस
मुहब्बत
फिर
हमें
तन्हा
न
कर
बैठे
बला
लेकर
'तिवारी'
घूमता
है
जाँ
हमारा
जोश
वो
ठंडा
न
कर
बैठे
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Tiwari Jitendra
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मुहब्बत
क्यूँ
जताता
ही
नहीं
है
किसी
कूचे
में
जाता
ही
नहीं
है
सफ़र
तन्हा
अकेला
कट
गया
है
कोई
उलफ़त
निभाता
ही
नहीं
है
ग़मों
को
और
गहरा
कर
रहें
हैं
कोई
मरहम
लगाता
ही
नहीं
है
कहा
करता
था
बस
आवाज़
देना
बुलाने
पे
जो
आता
ही
नहीं
है
यहाँ
मैं
याद
में
मरता
हूँ
उसके
मेरा
दिल
क्यूँ
भुलाता
ही
नहीं
है
सितारे
लूट
बैठे
चाँदनी
को
कोई
दीपक
जलाता
ही
नहीं
है
परिंदे
प्यार
करते
हैं
मुझी
से
तिवारी
दिल
दुखाता
ही
नहीं
है
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Tiwari Jitendra
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