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Atul pandey
ik to ye dil ki maayusi u
ik to ye dil ki maayusi u | इक तो ये दिल की मायूसी ऊपर से तन्हाई है
- Atul pandey
इक
तो
ये
दिल
की
मायूसी
ऊपर
से
तन्हाई
है
उसपर
मजलिस
की
चाहत
है
समझो
शामत
आई
है
मछली
मछली
पूछ
रही
है
दरिया
के
हर
कतरे
से
दाना
देने
वाले
के
घर
किसकी
आवा
जाही
है
एक
दफ़ा
चलते
चलते
मस्ती
में
धूल
उड़ाई
थी
अब
तक
धूल
ही
फाँक
रहे
हैं
ये
उसकी
भरपाई
है
- Atul pandey
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देखो
ऐसे
क़रीब
आने
की
आस
मत
लगाओ
तुम
तन्हाई
से
रब्त
बढ़ाओ
फिर
मेरे
पास
आओ
तुम
Rohit tewatia 'Ishq'
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मोहब्बत
एक
ख़ुशबू
है
हमेशा
साथ
चलती
है
कोई
इंसान
तन्हाई
में
भी
तन्हा
नहीं
रहता
Bashir Badr
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यदि
अंधकार
से
लड़ने
का
संकल्प
कोई
कर
लेता
है
तो
एक
अकेला
जुगनू
भी
सब
अन्धकार
हर
लेता
है
Balkavi Bairagi
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मैं
अपने
चारों
तरफ़
हूँ
और
इस
तरह
का
हुजूम
अजीब
किस्म
की
तन्हाई
साथ
लाता
है
Abhishek shukla
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एक
महफ़िल
में
कई
महफ़िलें
होती
हैं
शरीक
जिस
को
भी
पास
से
देखोगे
अकेला
होगा
Nida Fazli
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मैं
अकेला
ही
चला
था
जानिब-ए-मंज़िल
मगर
लोग
साथ
आते
गए
और
कारवाँ
बनता
गया
Majrooh Sultanpuri
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बस
एक
मैं
था
जिस
सेे
सच
मुच
में
दिलबरी
की
वरना
हर
आदमी
से
उसने
दो
नंबरी
की
जिस
बात
में
भी
हमने
ख़ुद
को
अकेला
रक्खा
बाग़ात
में
भी
हमने
जोड़ों
की
मुख़बरी
की
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Muzdum Khan
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तुम
अपने
बारे
में
कुछ
देर
सोचना
छोड़ो
तो
मैं
बताऊँ
कि
तुम
किस
क़दर
अकेले
हो
Waseem Barelvi
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मौत
ने
सारी
रात
हमारी
नब्ज़
टटोली
ऐसा
मरने
का
माहौल
बनाया
हमने
घर
से
निकले
चौक
गए
फिर
पार्क
में
बैठे
तन्हाई
को
जगह-जगह
बिखराया
हमने
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Shariq Kaifi
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ख़ून
से
जोड़ा
हुआ
हर
ईंट
ढेला
हो
गया
दो
तरफ़
चूल्हे
जले
औ'
घर
अकेला
हो
गया
Dhiraj Singh 'Tahammul'
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अगर
कहे
कोई
मिलने
को
तो
मना
न
करो
न
जाने
कौन
मुलाक़ात
आख़िरी
हो
यहाँ
Atul pandey
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तेरे
बिना
दिल
को
अब
क़रार
कहाँ
है
बुझने
लगा
हूँ
मैं
मेरे
यार
कहाँ
है
चीख़
रहा
हूँ
मैं
कब
से
यार
कहाँ
है
आ
के
गले
लग
बस
एक
बार
कहाँ
है
खो
सी
गई
है
जहान
में
मेरी
दौलत
फिर
भी
मुझे
उसपे
इख़्तियार
कहाँ
है
फूलों
से
पेड़ों
कि
अब
तो
शाख़ें
लदी
हैं
मैं
हूँ
गुम
इस
सोच
में
बहार
कहाँ
है
सारी
तमन्ना
उसी
के
नाम
से
हैं
और
कह
रहा
है
तुमको
मुझ
सेे
प्यार
कहाँ
है
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Atul pandey
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कुछ
देर
देखता
रहा
उस
आइने
को
मैं
फिर
उसके
बाद
मुझ
सेे
वो
देखा
नहीं
गया
Atul pandey
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देखा
भी
और
वो
देख
के
ख़ामोश
भी
रहा
शायद
अना
का
जोर
था
रोया
नहीं
गया
Atul pandey
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अंदाज़
हुनर
नीचे
बाकी
सब
ऊपर
है
दरिया
कम
गहरा
है
मतलब
ऊपर
है
वैरागी
लोगों
को
भी
ये
समझाओ
पहले
नीचे
की
दुनिया
तब
ऊपर
है
धर्म
का
मतलब
ही
ना
जाने
जो
मानुष
उनको
ये
लगता
है
मज़हब
ऊपर
है
दुनियादारी
दिल
को
भी
समझाओ
तुम
प्यार
मोहब्बत
नीचे,
मतलब
ऊपर
है
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Atul pandey
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