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Tarun Bharadwaj
KHuda ke geet gaane lag ga.e hain
KHuda ke geet gaane lag ga.e hain | ख़ुदा के गीत गाने लग गए हैं
- Tarun Bharadwaj
ख़ुदा
के
गीत
गाने
लग
गए
हैं
ये
मौसम
गुनगुनाने
लग
गए
हैं
सवेरा
हो
गया
है
वादियों
में
परिंदे
चहचहाने
लग
गए
हैं
अँधेरे
हो
गए
बेदार
जब
से
उजाले
थरथराने
लग
गए
हैं
मुहब्बत
एक
लम्हें
में
हुई
थी
जताने
में
ज़माने
लग
गए
हैं
दरो
दीवार
पर
हम
उँगलियों
से
तेरी
सूरत
बनाने
लग
गए
हैं
मेरा
रब
मुझ
सेे
राज़ी
हो
रहा
है
परिंदे
छत
पे
आने
लग
गए
हैं
चलो
अब
मय-कदे
की
राह
पकड़ें
क़दम
फिर
लड़खड़ाने
लग
गए
हैं
- Tarun Bharadwaj
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अब
मैं
क्या
अपनी
मोहब्बत
का
भरम
भी
न
रखूँ
मान
लेता
हूँ
कि
उस
शख़्स
में
था
कुछ
भी
नहीं
Jawwad Sheikh
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कहीं
पड़े
न
मोहब्बत
की
मार
होली
में
अदास
प्रेम
करो
दिल
से
प्यार
होली
में
Nazeer Banarasi
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मोहब्बत
नेक-ओ-बद
को
सोचने
दे
ग़ैर-मुमकिन
है
बढ़ी
जब
बे-ख़ुदी
फिर
कौन
डरता
है
गुनाहों
से
Arzoo Lakhnavi
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ये
मोहब्बत
भी
किन
दिनों
में
हुई
दिल
मिलाने
थे
हाथ
से
भी
गए
Kafeel Rana
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प्यार
मुहब्बत
बाद
की
बातें
जान
कभी
ये
सोचा
है
किसने
तेरा
साथ
दिया
था
कौन
नशे
में
ख़त्म
हुआ
Vikram Gaur Vairagi
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मुझ
ऐसा
शख़्स
अगर
क़हक़हों
से
भर
जाए
ये
साँस
लेती
उदासी
तो
घुट
के
मर
जाए
वो
मेरे
बाद
तरस
जाएगा
मोहब्बत
को
उसे
ये
कहना
अगर
हो
सके
तो
मर
जाए
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Rakib Mukhtar
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वो
नहीं
मेरा
मगर
उस
से
मोहब्बत
है
तो
है
ये
अगर
रस्मों
रिवाजों
से
बग़ावत
है
तो
है
Deepti Mishra
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जो
बिस्मिल
बना
दे
वो
क़ातिल
तबस्सुम
जो
क़ातिल
बना
दे
वो
दिलकश
नज़ारा
मोहब्बत
का
भी
खेल
नाज़ुक
है
कितना
नज़र
मिल
गई
आप
जीते
मैं
हारा
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Nushur Wahidi
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देख
मोहब्बत
का
दस्तूर
तू
मुझ
से
मैं
तुझ
से
दूर
कोशिश
लाज़िम
है
प्यारे
आगे
जो
उसको
मंज़ूर
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Nasir Kazmi
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तुम्हारा
नाम
लिया
था
कभी
मोहब्बत
से
मिठास
उस
की
अभी
तक
मेरी
ज़बान
में
है
Abbas Dana
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ख़ुदा
का
ज़िक्र
है
वाइज़
की
पारसाई
है
अगरचे
धूम
वहाँ
रिंदों
ने
मचाई
है
चला
है
जोश
में
मक़तल
की
ओर
जोशीला
उसी
को
देख
के
कितनों
को
अक़्ल
आई
है
हवा
से
लौटेंगे
उतरेगा
जब
नशा
सबका
ये
कह
के
रिंद
ने
मय
की
हँसी
उड़ाई
है
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Tarun Bharadwaj
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इस
तरह
सिलसिला
रहा
बाक़ी
रूठे
रूठे
जवाब
आते
रहे
Tarun Bharadwaj
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वक़्त
पर
अपना
कोई
ज़ोर
नहीं
वक़्त
अच्छा
हुआ
हुआ
न
हुआ
Tarun Bharadwaj
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ज़िंदगी
इस
तरह
कुछ
अपनी
बसर
होती
रही
चाह
फूलों
की
थी
काँटों
पर
गुज़र
होती
रही
Tarun Bharadwaj
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रातों
को
जागने
लगा
हूँ
अब
मेरे
घर
माहताब
आने
लगे
Tarun Bharadwaj
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