hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Sunny Seher
use dekha to KHush itnaa hua main
use dekha to KHush itnaa hua main | उसे देखा तो ख़ुश इतना हुआ मैं
- Sunny Seher
उसे
देखा
तो
ख़ुश
इतना
हुआ
मैं
लगूंँ
बच्चा
कोई
हँसता
हुआ
मैं
कुई
लिक्खो
मुझे
पूरा
करो
अब
किसी
मिसरे
सा
हूँ
अटका
हुआ
मैं
वो
जिसके
शे'र
पर
मैं
दाद
देता
उसी
की
बात
पर
रुस्वा
हुआ
मैं
वफ़ा
का
भी
मिरी
अब
ये
सिला
है
मुहब्बत
करके
भी
तन्हा
हुआ
मैं
मैं
ख़ुद
को
भूल
आया
था
कहीं
पर
किसी
के
पास
हूँ
रक्खा
हुआ
मैं
किसी
को
मैं
मुयस्सर
भी
नहीं
था
किसी
के
वास्ते
ज़ाया'
हुआ
मैं
- Sunny Seher
Download Ghazal Image
उसके
बदन
को
दी
नुमूद
हमने
सुखन
में
और
फिर
उसके
बदन
के
वास्ते
इक
क़बा़
भी
सी
गई
Jaun Elia
Send
Download Image
49 Likes
इतना
धीरे-धीरे
रिश्ता
ख़त्म
हुआ
बहुत
दिनों
तक
लगा
नहीं
हम
बिछड़े
हैं
Ajmal Siddiqui
Send
Download Image
49 Likes
उसने
हँसते
हुए
तोड़ा
था
हमारा
रिश्ता
हम
सभी
को
ये
बताते
हुए
रो
देते
हैं
Zubair Alam
Send
Download Image
43 Likes
कुछ
ख़ास
तो
बदला
नहीं
जाने
से
तुम्हारे
बस
राब्ता
कम
हो
गया
फूलों
की
दुकाँ
से
Ashu Mishra
Send
Download Image
48 Likes
दुश्मनी
लाख
सही
ख़त्म
न
कीजे
रिश्ता
दिल
मिले
या
न
मिले
हाथ
मिलाते
रहिए
Nida Fazli
Send
Download Image
44 Likes
हम
मुहब्बत
में
किसी
के
वास्ते
जी
नहीं
सकते
तो
मर
तो
सकते
हैं
Sunny Seher
Send
Download Image
6 Likes
तो
क्या
ये
हो
नहीं
सकता
कि
तुझ
से
दूर
हो
जाऊँँ
मैं
तुझ
को
भूलने
के
वासते
मजबूर
हो
जाऊँ
सुना
है
टूटने
पर
दिल
सभी
कुछ
कर
गुजरते
हैं
मुझे
भी
तोड़
दो
इतना
कि
मैं
मशहूर
हो
जाऊँ
Read Full
SHIV SAFAR
Send
Download Image
4 Likes
तू
समझता
है
कि
रिश्तों
कि
दुहाई
देंगे
अरे
हम
तो
वो
हैं
तेरे
चेहरे
से
दिखाई
देंगे
Waseem Barelvi
Send
Download Image
40 Likes
क्या
जाने
किस
ख़ता
की
सज़ा
दी
गई
हमें
रिश्ता
हमारा
दार
पे
लटका
दिया
गया
शादी
में
सब
पसंद
का
लाया
गया
मगर
अपनी
पसंद
का
उसे
दूल्हा
नहीं
मिला
Read Full
Afzal Ali Afzal
Send
Download Image
30 Likes
दिल
की
ख़ातिर
एक
रिश्ते
को
बचाने
के
लिए
आग
मैंने
ही
लगा
ली
ख़ुद
मिरे
घरबार
में
Shashank Shekhar Pathak
Send
Download Image
1 Like
Read More
मशवरा
तो
दे
रहा
हूँ
यार
को
ख़ुद
नहीं
समझा
हूँ
अब
तक
प्यार
को
आप
जैसे
ही
भले
दो
चार
लोग
मिलते
जुलते
हैं
यहाँ
इतवार
को
तेज़
बारिश
है
कि
तुम
अंदर
रहो
सब
हिदायत
दे
रहे
बीमार
को
लूट
चोरी
औ
डकैती
से
भरी
ख़बरें
खाती
जा
रहीं
अख़बार
को
एक
हिस्सा
गिर
गया
तो
घर
गया
कोई
जाकर
थाम
ले
दीवार
को
मर
गया
तो
फिर
कहानी
ख़त्म
है
हर
कहानी
में
भरम
किरदार
को
दिल
लगाना
इसलिए
अच्छा
नहीं
दर्द
मिलता
है
यहाँ
दिलदार
को
चाँद
छूने
की
लगी
जो
शर्त
फिर
छू
लिया
है
उसके
ही
रुख़सार
को
नफ़रतें
बो
दीं
किसी
ने
बाग़
में
फूल
गाली
दे
रहे
हैं
ख़ार
को
जीत
जाना
ही
भला
क्या
जीत
है
जीत
मिलती
है
हमेशा
हार
को
Read Full
Sunny Seher
Download Image
1 Like
मुबारक
भी
नहीं
बोला
किसी
ने
गले
मिलते
हुए
हम
रो
रहे
थे
Sunny Seher
Send
Download Image
2 Likes
तजुर्बा
होता
ये
सब
होने
से
पहले
तुझे
पा
लेते
तेरे
खोने
से
पहले
मुकम्मल
मौत
भी
तो
आज
है
मेरी
किए
हैं
काम
सारे
सोने
से
पहले
कभी
यूँँ
ज़िक्र
तो
छेड़ा
नहीं
फिर
भी
कोई
तो
होगा
मेरे
होने
से
पहले
ये
फ़ितरत
इस
तरह
बदली
कि
हम
दोनों
बहुत
हँसने
लगे
थे
रोने
से
पहले
न
लाओ
कोई
मरहम
या
दवा
कोई
सहर
भी
मर
गया
ग़म
ढोने
से
पहले
Read Full
Sunny Seher
Download Image
3 Likes
कोर्ट
में
तारीख़
के
ये
सिलसिले
चलते
रहे
और
वो
लड़की
वहाँँ
पर
शर्म
से
ही
मर
गई
Sunny Seher
Send
Download Image
28 Likes
दिल
का
बहुत
गरीब
है
कैसा
अमीर
है
वो
शख़्स
जो
मुहीब
है
कैसा
अमीर
है
घर
से
बहुत
वो
दूर
है
रुपयों
के
वास्ते
काहे
का
ये
नसीब
है
कैसा
अमीर
है
हमराह
कोई
पास
न
है
रहगुज़र
कोई
क्या
दोस्त
क्या
हबीब
है
कैसा
अमीर
है
Read Full
Sunny Seher
Download Image
1 Like
Read More
Akbar Allahabadi
Krishna Bihari Noor
Shariq Kaifi
Mohammad Alvi
Anjum Rehbar
Abhishar Geeta Shukla
Ali Zaryoun
Zehra Nigaah
Amjad Islam Amjad
Asad Bhopali
Get Shayari on your Whatsapp
Dost Shayari
Mehboob Shayari
Sooraj Shayari
Sharm Shayari
Afsos Shayari