hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Shobhit Dixit
ab to mere saare saawan beet gaye
ab to mere saare saawan beet gaye | अब तो मेरे सारे सावन बीत गए
- Shobhit Dixit
अब
तो
मेरे
सारे
सावन
बीत
गए
बिन
मौसम
अब
बादल
बरसे
उस
सेे
क्या
- Shobhit Dixit
Download Sher Image
झुके
तो
जन्नत
उठे
तो
ख़ंजर
करेंगी
हम
को
तबाह
आँखें
Parul Singh "Noor"
Send
Download Image
38 Likes
मैं
आख़िर
कौन
सा
मौसम
तुम्हारे
नाम
कर
देता
यहाँ
हर
एक
मौसम
को
गुज़र
जाने
की
जल्दी
थी
Rahat Indori
Send
Download Image
40 Likes
रात
के
जिस्म
में
जब
पहला
पियाला
उतरा
दूर
दरिया
में
मेरे
चाँद
का
हाला
उतरा
Kumar Vishwas
Send
Download Image
48 Likes
यहाँ
तुम
देखना
रुतबा
हमारा
हमारी
रेत
है
दरिया
हमारा
Kushal Dauneria
Send
Download Image
52 Likes
तुम्हारे
पाँव
क़सम
से
बहुत
ही
प्यारे
हैं
ख़ुदा
करे
मेरे
बच्चों
की
इन
में
जन्नत
हो
Rafi Raza
Send
Download Image
106 Likes
तुम
मुझे
उतनी
ही
प्यारी
हो
मेरी
जाँ
जितना
प्यारा
है
कश्मीर
इस
देश
को
Alankrat Srivastava
Send
Download Image
10 Likes
दरिया
के
किनारे
पे
मिरी
लाश
पड़ी
थी
और
पानी
की
तह
में
वो
मुझे
ढूँड
रहा
था
Adil Mansuri
Send
Download Image
22 Likes
मैं
कुछ
दिन
से
अचानक
फिर
अकेला
पड़
गया
हूँ
नए
मौसम
में
इक
वहशत
पुरानी
काटती
है
Liaqat Jafri
Send
Download Image
37 Likes
नहीं
हर
चंद
किसी
गुम-शुदा
जन्नत
की
तलाश
इक
न
इक
ख़ुल्द-ए-तरब-नाक
का
अरमाँ
है
ज़रूर
बज़्म-ए-दोशंबा
की
हसरत
तो
नहीं
है
मुझ
को
मेरी
नज़रों
में
कोई
और
शबिस्ताँ
है
ज़रूर
Read Full
Asrar Ul Haq Majaz
Send
Download Image
19 Likes
इक
और
दरिया
का
सामना
था
'मुनीर'
मुझ
को
मैं
एक
दरिया
के
पार
उतरा
तो
मैंने
देखा
Muneer Niyazi
Send
Download Image
26 Likes
Read More
छत
पे
जाने
को
बोल
रहे
हैं
फिर
तह
ख़ानों
को
खोल
रहे
हैं
दस्तक
देने
में
डर
लगता
है
सो
खुल
जा
सिम
सिम
बोल
रहे
हैं
Read Full
Shobhit Dixit
Send
Download Image
4 Likes
लोग
हमको
भी
क्या
क्या
बताते
रहे
हम
भी
उनकी
ही
बातों
में
आते
रहे
एक
कहानी
अधूरी,
अधूरी
थी
बस
हम
थे
किरदार
नए,
नए
बनाते
रहे
नींद
होनी
थी
आँखों
की
अपनी
मगर
हम
तो
अपने
सपने
को
सुलाते
रहे
झूठी
थी
सब
क़स
में
बुनियाद
की
सो
झूठे
वादों
के
मलबे
उठाते
रहे
आने
वाले
तो
आते
रहे
उम्र
भर
जाने
वाले
जो
लोग
थे
जाते
रहे
Read Full
Shobhit Dixit
Download Image
1 Like
हम
तो
जाकर
दहलीज़ों
पर
बैठे
हैं
जब
देखा
है
दरवाज़ों
पर
ताले
हैं
Shobhit Dixit
Send
Download Image
3 Likes
हँसकर
के
कितना
रोते
हैं
लड़के
भी
लड़के
होते
हैं
Shobhit Dixit
Send
Download Image
1 Like
हर
सफ़र
में
ख़ूबसूरती
को
चाहिए
कुछ
हसीन
लोग
और
प्यारे
रास्ते
Shobhit Dixit
Send
Download Image
1 Like
Read More
Bahadur Shah Zafar
Vishal Bagh
Sarvat Husain
Shahzad Ahmad
Hafeez Banarasi
Unknown
Krishna Bihari Noor
Khalid Nadeem Shani
Shahid Zaki
Abbas Tabish
Get Shayari on your Whatsapp
Ehsaas Shayari
Tohfa Shayari
Nature Shayari
Greed Shayari
Rahbar Shayari