yaaden unki rakhi thii jo almaari men | यादें उनकी रखी थी जो अलमारी में

  - Shivansh Singhaniya
यादेंउनकीरखीथीजोअलमारीमें
धुलगईवोसभीफिरअज़ा-दारीमें
अबयेकैसीसज़ामिलरहीथीहमें
मौतभीमिलसकतीथीग़म-ख़्वारीमें
इश्क़कीफिरसजातोहमेंमिलनीथी
साथइकशख़्सथाजोगुनहगारीमें
बैठकरखारहेहैजवाँबेटेघर
बापभूखाकमाताहैख़ुद-दारीमें
लौटआयाउड़ाकरवोपैसेसभी
मरगईमाँतड़पकरजोबीमारीमें
घुटरहादममिराइसगिराँ-बारीसे
जीरहाहूँमैंबसयारमक्कारीमें
  - Shivansh Singhaniya
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