दिल में ज़रा ख़ुशी नहीं क्यूँ तेरी आशिक़ी में भी

  - Shivansh Singhaniya
दिलमेंज़राख़ुशीनहींक्यूँतेरीआशिक़ीमेंभी
रोतारहायेग़मबहुतछिपकरहँसी-हँसीमेंभी
हाल-ए-शिकस्ताजानकरकुछजब्रमेंकहानहीं
लुत्फ़-ए-सुख़नवहीमिलाफिरहमकोदोस्तीमेंभी
शबभरउदासथायेदिल,लेकिनमलालहैनहीं
क्यूँमौतभीमिलीनहीं,हैमौततिश्नगीमेंभी
हैरानगीसेआपकीहैरानख़ुदभीहोगया
मारागयाहूँचीख़ताबच्चेकीगुदगुदीमेंभी
फिरवोकभीजलेनहींजितनेचराग़थेबुझे
इसरज़्मरौशनीमेंभी,उसरज़्मतीरगीमेंभी
बातेंदबी-दबीथीजो,अबहोरहीहैहरकहीं
क्याहाए!ज़िंदगीमिली,सन'अतकीमुफ़्लिसीमेंभी
अबतकभरानहींहैबद,दिलतुमसेेदुश्मनीलेकर
कार-ए-जहाँमेंहारामैंफिरइससुख़न-वरीमेंभी
  - Shivansh Singhaniya
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