is anokhi rasm ka nashsha na daalo | इस अनोखी रस्म का नश्शा न डालो

  - Shivansh Singhaniya
इसअनोखीरस्मकानश्शाडालो
इश्क़वालोंइश्क़परपहराडालो
किसतवक़्क़ोकेलिएइतनागुमाँहै
ख़ूनसेफिरख़ूनकालहजाडालो
ग़मभुलानेआएचलकेमैकशीतक
ग़मभुलाकेफ़र्शपरबादाडालो
आयालैलातेरे'आशिक़काजनाज़ा
क़ैसकेचेहरेपेअबपर्दाडालो
इकनविश्तेकाहैयेक़िस्साभीक़ातिब
ख़ून-ए-मक़्तलमेंकोईरिश्ताडालो
क़ौमकेमज्मेंमेंमैंभीचलरहाहूँ
ज़ातकाफिरपाँवमेंशीशाडालो
रहमतोंकाशहरइकवीराँपड़ाहै
फिरज़रा-सीबातपरलाशाडालो
दीपजौदतकाबुझानेमेंलगेहो
फिरहवाकोदोषदेगिर्याडालो
दास्तान-ए-ग़मपूछोतुमहमारी
बसहमारेज़र्फ़मेंसिक्काडालो
  - Shivansh Singhaniya
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