baat bas ana ki thii so kuchh nahin saha gaya | बात बस अना की थी सो कुछ नहीं सहा गया

  - Shivansh Singhaniya
बातबसअनाकीथीसोकुछनहींसहागया
ज़िन्दगीकोजीतकरजोमौतकोहरागया
रातएकख़्वाबमेंवोशख़्सजबमुझेदिखा
फिरविसाल-ए-यारकाख़यालग़मबढ़ागया
दास्तानग़मकाजबशुरूयेसिलसिलाहुआ
इसग़म-ए-फ़िराक़मेंनफ़सनफ़सथमागया
इकज़रासीबातदोदिलोंकोतारकरगई
उसशब-ए-फ़रोग़मेंवोरूठकरचलागया
दर्दइकछिपारखाथाकबसेहमनेसीनेमें
इकदियाजलाहुआवोफूँककरबुझागया
हैमिरीबिसातक्याकरूँँजोतममेंरौशनी
हैयहीतोफ़ैसलाख़ुदाकासोकियागया
इसनिशान-ए-दिलकोहमजोबे-निशाँलिएरहे
जोसहाथा'शिव'नेतबसोसहताहीचलागया
  - Shivansh Singhaniya
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy