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Dipanshu Shams
laga sake to mujhe kuchh haseen rang laga
laga sake to mujhe kuchh haseen rang laga | लगा सके तो मुझे कुछ हसीन रंग लगा
- Dipanshu Shams
लगा
सके
तो
मुझे
कुछ
हसीन
रंग
लगा
यक़ीन,
इश्क़,
इबादत
ये
तीन
रंग
लगा
लगाऊँ
मैं
ही
तुझे
रंग
दोस्त
ठीक
नहीं
तू
भी
ज़रा
मेरे
हाथों
से
छीन
रंग
लगा
- Dipanshu Shams
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दुकानें
नफ़रतों
की
ख़ूब
आसानी
से
चलती
हैं
अजब
दुनिया
है
जाने
इश्क़
क्यूँ
करने
नहीं
देती
Bhaskar Shukla
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मोहब्बत
का
नहीं
इक
दिन
मुकर्रर
मोहब्बत
उम्रभर
का
सिलसिला
है
Neeraj Naveed
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इश्क़
तिरी
इंतिहा
इश्क़
मिरी
इंतिहा
तू
भी
अभी
ना-तमाम
मैं
भी
अभी
ना-तमाम
Allama Iqbal
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इश्क़
माशूक़
इश्क़
'आशिक़
है
यानी
अपना
ही
मुब्तला
है
इश्क़
Meer Taqi Meer
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अदब
वाले
अदब
की
महफ़िलें
पहचान
लेते
हैं
उन्हें
तुम
प्यार
से
कुछ
भी
कहो
वो
मान
लेते
हैं
जहाँ
तक
देख
सकते
हैं
वहाँ
तक
सुन
नहीं
सकते
मगर
जब
इश्क़
हो
जाए
तो
धड़कन
जान
लेते
हैं
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Hameed Sarwar Bahraichi
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तू
मोहब्बत
नहीं
समझती
है
हम
भी
अपनी
अना
में
जलते
हैं
इस
दफा
बंदिशें
ज़ियादा
हैं
छोड़
अगले
जनम
में
मिलते
हैं
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Ritesh Rajwada
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इश्क़
में
ये
दावा
तो
नईं
है
मैं
ही
अव्वल
आऊँगा
लेकिन
इतना
कह
सकता
हूँ
अच्छे
नंबर
लाऊँगा
Zubair Ali Tabish
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सोच
कर
पाँव
डालना
इस
में
इश्क़
दरिया
नहीं
है
दलदल
है
Renu Nayyar
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अगर
बेदाग़
होता
चाँद
तो
अच्छा
नहीं
लगता
मोहब्बत
ख़ूब-सूरत
दाग़
है,
बेदाग़
से
दिल
पर
Umesh Maurya
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इक
कली
की
पलकों
पर
सर्द
धूप
ठहरी
थी
इश्क़
का
महीना
था
हुस्न
की
दुपहरी
थी
ख़्वाब
याद
आते
हैं
और
फिर
डराते
हैं
जागना
बताता
है
नींद
कितनी
गहरी
थी
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Vikram Gaur Vairagi
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ऐ
राहगीर
राह
से
चालाकियाँ
नहीं
रहबर
बड़े
बड़े
ये
ठिकाने
लगा
चुकी
Dipanshu Shams
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हैं
दोस्तों
में
बहुत
ख़ास
दोस्त
अपने
दो
हम
उन
को
प्यार
से
दुख-सुख
बुलाया
करते
हैं
Dipanshu Shams
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जब
उसकी
याद
के
झूले
में
झूल
जाता
हूँ
तमाम
काम
की
बातें
मैं
भूल
जाता
हूँ
निग़ाह-ओ-दिल
ही
फ़क़त
लेते
हैं
मज़ा
सारा
मैं
कू-ए-यार
तो
अक्सर
फ़ुज़ूल
जाता
हूँ
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Dipanshu Shams
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होना
ये
चाहती
हैं
मुकम्मल
अब
ऐ
ख़ुदा
मासूम
ख़्वाहिशें
मेरी
ज़िद्दी
ज़रूरतें
Dipanshu Shams
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तमाशे
के
लिए
उसको
फ़क़त
इंसाँ
जुटाने
हैं
मदारी
जानता
है
ये
ज़माना
पागलों
का
है
Dipanshu Shams
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