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Dipanshu Shams
daba na paaya ye itr tak bhi
daba na paaya ye itr tak bhi | दबा न पाया ये इत्र तक भी
- Dipanshu Shams
दबा
न
पाया
ये
इत्र
तक
भी
तेरे
बदन
की
महक
को
यारा
- Dipanshu Shams
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यूँँ
लगे
दोस्त
तिरा
मुझ
से
ख़फ़ा
हो
जाना
जिस
तरह
फूल
से
ख़ुशबू
का
जुदा
हो
जाना
Qateel Shifai
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नज़र
से
नज़र
भर
नज़र
क्या
मिली
ख़िज़ाँ
में
खिली
इक
कली
फूल
की
Sandeep dabral 'sendy'
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आदतन
उसके
लिए
फूल
ख़रीदे
वरना
नहीं
मालूम
वो
इस
बार
यहाँ
है
कि
नहीं
Abbas Tabish
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सूख
जाता
जल्द
है
फिर
भी
निशानी
के
लिए
फूल
इक
छुप
के
किताबों
में
छिपाना
इश्क़
है
Parul Singh "Noor"
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मिरे
सूरज
आ!
मिरे
जिस्म
पे
अपना
साया
कर
बड़ी
तेज़
हवा
है
सर्दी
आज
ग़ज़ब
की
है
Shahryar
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न
हारा
है
इश्क़
और
न
दुनिया
थकी
है
दिया
जल
रहा
है
हवा
चल
रही
है
Khumar Barabankvi
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हवा
जब
चली
फड़फड़ा
कर
उड़े
परिंदे
पुराने
महल्लात
के
Muneer Niyazi
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फूल
ही
फूल
याद
आते
हैं
आप
जब
जब
भी
मुस्कुराते
हैं
Sajid Premi
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ख़ुशबू
से
किस
ज़बान
में
बातें
करेंगे
लोग
महफ़िल
में
ये
सवाल
तुझे
देख
कर
हुआ
Mansoor Usmani
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ये
हवा
सारे
चराग़ों
को
उड़ा
ले
जाएगी
रात
ढलने
तक
यहाँ
सब
कुछ
धुआँ
हो
जाएगा
Naseer Turabi
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ख़ुद
ही
अपना
शिकार
करता
है
फूल
काँटों
पे
वार
करता
है
वक़्त
अपना
ख़राब
करके
क्यूँँ
वक़्त
का
इंतिज़ार
करता
है
नाम
फ़नकार
का
जहाँ
भर
में
सिर्फ़
इक
शाहकार
करता
है
एक
दरिया
है
ज़िन्दगी
जिसको
आदमी
मर
के
पार
करता
है
जाने
क्यूँँ
हौसले
के
पत्थर
पर
डर
का
कंकर
दरार
करता
है
तुमने
वो
बात
दिल
से
कह
दी
उफ़
ऐसा
कब
राज़दार
करता
है
वक़्त
अहमक़
बना
बना
के
मुझे
दिन-ब-दिन
होशियार
करता
है
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Dipanshu Shams
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यूँँ
न
बे-मतलब
बढ़ा
बे-बात
का
रंग
है
हसीं
इक
दूसरे
के
साथ
का
रंग
यार
मेरे
कर
पहल
तू
दोस्ती
की
फिर
चढ़ेगा
ही
नहीं
उत्पात
का
रंग
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Dipanshu Shams
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हैं
दोस्तों
में
बहुत
ख़ास
दोस्त
अपने
दो
हम
उन
को
प्यार
से
दुख-सुख
बुलाया
करते
हैं
Dipanshu Shams
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घबरा
रहा
है
राह
कि
मुश्किल
से
हौसला
पर
रास्ता
बदलने
को
राज़ी
नहीं
अना
Dipanshu Shams
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चाँद-तारे,
फ़िज़ा-धनक
देखूँ
सब
में
महबूब
की
झलक
देखूँ
शोख़
नज़रें
हसीं
बदन
है
मगर
सिर्फ़
तस्वीर
कब
तलक
देखूँ
दो
मुझे
तितलियाँ
सी
लगती
हैं
जब
झपकती
तिरी
पलक
देखूँ
बज़्म
में
लाख़
हों
सितारे
पर
मैं
फ़क़त
अपने
की
चमक
देखूँ
याद-ए-कूचा-ए-यार
आती
है
जब
कभी
फिल्म
मैं
'धड़क'
देखूँ
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Dipanshu Shams
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