khud hi apna shikaar karta hai | ख़ुद ही अपना शिकार करता है

  - Dipanshu Shams
ख़ुदहीअपनाशिकारकरताहै
फूलकाँटोंपेवारकरताहै
वक़्तअपनाख़राबकरकेक्यूँँ
वक़्तकाइंतिज़ारकरताहै
नामफ़नकारकाजहाँभरमें
सिर्फ़इकशाहकारकरताहै
एकदरियाहैज़िन्दगीजिसको
आदमीमरकेपारकरताहै
जानेक्यूँँहौसलेकेपत्थरपर
डरकाकंकरदरारकरताहै
तुमनेवोबातदिलसेकहदीउफ़
ऐसाकबराज़दारकरताहै
वक़्तअहमक़बनाबनाकेमुझे
दिन-ब-दिनहोशियारकरताहै
  - Dipanshu Shams
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