apne raqeeb se yuñ bhi nafrat nahin rahi | अपने रक़ीब से यूँँ भी नफ़रत नहीं रही

  - Dipanshu Shams
अपनेरक़ीबसेयूँँभीनफ़रतनहींरही
वोबे-वफ़ाजबअपनीमुहब्बतनहींरही
ख़्वाहिशउठीजोपीनेकीतोजिस्मनेकहा
रहनेदेयारअबवोतबीअतनहींरही
भँवरेकेसाथख़ुशहैबहुतआजकलमहक
अबफूलकीमहककोज़रूरतनहींरही
महँगीहैकहकेदीदुकाँदारनेजोकल
उसशयकीआजकोईभीक़ीमतनहींरही
समझोआपख़ुदकोमकींइसमकानके
ता-उम्ररूहतककीहुकूमतनहींरही
  - Dipanshu Shams
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