main muhaajir hooñ ye kahtaa ja raha hai | मैं मुहाजिर हूँ ये कहता जा रहा है

  - Dipanshu Shams
मैंमुहाजिरहूँयेकहताजारहाहै
शाख़सेउड़करपरिंदाजारहाहै
इश्क़क्याहैकोईपूँछेयारउससेे
खुद
ख़ुशीकरनेजोलड़काजारहाहै
गईमंज़िलनज़रलगताहैउसको
जोमुसाफ़िरमुस्कुराताजारहाहै
बूढ़ेघुटनोंकोज़रूरतधूपकीहै
औरसूरजहैकिछुपताजारहाहै
मैंयक़ींकैसेकरूँँउसआदमीका
जोबनारसकहकेशिमलाजारहाहै
  - Dipanshu Shams
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