safar taveel hai chalte hue nahin socha | सफ़र तवील है चलते हुए नहीं सोचा

  - Dipanshu Shams
सफ़रतवीलहैचलतेहुएनहींसोचा
शदीदधूपमेंजलतेहुएनहींसोचा
बसएकपलमेंकईख़्वाबटूटसकतेहैं
येहमनेआँखेंमसलतेहुएनहींसोचा
कहींगिरफ़्तमेंलेलेतेराइश्क़मुझे
तिरीगलीसेनिकलतेहुएनहींसोचा
ख़याल-ए-इश्कसताएगाइसक़दरहमको
येराह-ए-इश्क़बदलतेहुएनहींसोचा
कुछएकदिनकोफ़रागतनसीबहोजाए
कभीये'शम्स'नेढलतेहुएनहींसोचा
  - Dipanshu Shams
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