चेहरातुम्हाराआजतलकचश्म-ए-तरमेंहै
यानीमकीनहुस्नयेपानीकेघरमेंहै
जिसरोज़सेरखाहैक़दमकाएनातमें
तबसेयेज़िंदगानीमुसलसलसफ़रमेंहै
होंठोंसेचूमोंदस्त-ए-अदबउनकेदोस्तों
सहराकीख़ाकजितनेजवानोंकेसरमेंहै
अश'आरमेरेदर्दमेंडूबेहैंइसलिए
मंज़रवोक़ैदआजभीमेरीनज़रमेंहै
जितनीकशिशहैइसरुख़-ए-अनवरमेंजान-ए-जाँ
इतनीकशिशभलाकहाँशम्स-ओ-क़मरमेंहैं
इकअर्साहोगयातुम्हेंघरछोड़करगए
लर्ज़ांमगरअभीभीयाँदीवार-ओ-दरमेंहै