chehra tumhaara aaj talak chashm-e-tar men hai | चेहरा तुम्हारा आज तलक चश्म-ए-तर में है

  - Shajar Abbas
चेहरातुम्हाराआजतलकचश्म-ए-तरमेंहै
यानीमकीनहुस्नयेपानीकेघरमेंहै
जिसरोज़सेरखाहैक़दमकाएनातमें
तबसेयेज़िंदगानीमुसलसलसफ़रमेंहै
होंठोंसेचूमोंदस्त-ए-अदबउनकेदोस्तों
सहराकीख़ाकजितनेजवानोंकेसरमेंहै
अश'आरमेरेदर्दमेंडूबेहैंइसलिए
मंज़रवोक़ैदआजभीमेरीनज़रमेंहै
जितनीकशिशहैइसरुख़-ए-अनवरमेंजान-ए-जाँ
इतनीकशिशभलाकहाँशम्स-ओ-क़मरमेंहैं
इकअर्साहोगयातुम्हेंघरछोड़करगए
लर्ज़ांमगरअभीभीयाँदीवार-ओ-दरमेंहै
  - Shajar Abbas
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