तुझेज़िंदान-ए-ख़मोशाँकीवहशतमारडालेगी
मुझेयेबज़्म-ए-मययेबज़्म-ए-इशरतमारडालेगी
भटकजाएँगेहमसबमज़हब-ए-इंसानियतसेगर
तोहमकोनक़्ल-ए-मज़हबकीसियासतमारडालेगी
ग़म-ए-हस्तीग़म-ए-हिज्राँग़म-ए-दौराँसेबचजाऊँ
तोअहल-ए-इश्क़कीमुझकोमोहब्बतमारडालेगी
हमअहल-ए-ज़िक्रअहल-ए-इल्मअहल-ए-फ़नकोऐमुर्शिद
येजाहिलदौर-ए-हाज़िरकीहुकूमतमारडालेगी
शब-ए-ख़ल्वतसेलेकरकेशब-ए-फ़ुर्क़तकेलम्होंकी
शजरकोयाद-ए-रफ़्ताकीअज़िय्यतमारडालेगी