agar hamaari in aankhoñ se KHoon tapkega | अगर हमारी इन आँखों से ख़ून टपकेगा

  - Shajar Abbas
अगरहमारीइनआँखोंसेख़ूनटपकेगा
तोसोचलेनाशिवालोंसेख़ूनटपकेगा
मैंचुपहूँयारसोचुपरहनेदेख़ुदाकेलिए
ज़बाँखुलेगीतोलफ़्ज़ोंसेख़ूनटपकेगा
अगरसुनादूँमैंरूदाद-ए-ग़मइन्हेंअपनी
तोयारसूखेदरख़्तोंसेख़ूनटपकेगा
हैइतनादर्द-ए-दरूँमैंअगरलिखूँगाग़ज़ल
तोबाखिरदमेरीग़ज़लोंसेख़ूनटपकेगा
शजरजोबंददरीचोंकोखोलदूँदिलके
तोदिलकेसारेदरीचोंसेख़ूनटपकेगा
  - Shajar Abbas
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