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Shajar Abbas
bichhadte vaqt vo mujhse ye kahke bichhdi thii
bichhadte vaqt vo mujhse ye kahke bichhdi thii | बिछड़ते वक़्त वो मुझ सेे ये कहके बिछड़ी थी
- Shajar Abbas
बिछड़ते
वक़्त
वो
मुझ
सेे
ये
कहके
बिछड़ी
थी
दु'आ
करूँँगी
ख़ुदा
मुझको
तुझ
सेा
बेटा
दे
- Shajar Abbas
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कुछ
कहने
का
वक़्त
नहीं
ये
कुछ
न
कहो
ख़ामोश
रहो
ऐ
लोगों
ख़ामोश
रहो
हाँ
ऐ
लोगों
ख़ामोश
रहो
Ibn E Insha
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वक़्त
देता
था
वो
मिलने
का
तभी
रक्खी
थी
दोस्त
इक
दौर
था
मैंने
भी
घड़ी
रक्खी
थी
Nadir Ariz
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मेरे
जिस्म
से
वक़्त
ने
कपड़े
नोच
लिए
मंज़र
मंज़र
ख़ुद
मेरी
पोशाक
हुआ
Azm Shakri
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सुब्ह-ए-मग़रूर
को
वो
शाम
भी
कर
देता
है
शोहरतें
छीन
के
गुमनाम
भी
कर
देता
है
वक़्त
से
आँख
मिलाने
की
हिमाकत
न
करो
वक़्त
इंसान
को
नीलाम
भी
कर
देता
है
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Nadeem Farrukh
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वक़्त
अपना
बुरा
चल
रहा
इसलिए
सब
सेे
अच्छी
है
मेरी
घडी
की
समझ
Neeraj Neer
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तुम
बड़े
अच्छे
वक़्त
पर
आए
आज
इक
ज़ख़्म
की
ज़रूरत
थी
Zubair Ali Tabish
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मैं
रोज़
रात
यही
सोच
कर
तो
सोता
हूँ
कि
कल
से
वक़्त
निकालूँगा
ज़िन्दगी
के
लिए
Swapnil Tiwari
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मैं
भूल
चुका
हूँ
कि
ये
वनवास
है
वन
है
इस
वक़्त
मेरे
सामने
सोने
का
हिरन
है
मैं
ध्यान
से
कुछ
सुन
ही
नहीं
पाऊँगा
सरकार
मैं
क्या
ही
बताऊँ
कि
मेरा
ध्यान
मगन
है
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Vikram Gaur Vairagi
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माँ
की
आग़ोश
में
कल
मौत
की
आग़ोश
में
आज
हम
को
दुनिया
में
ये
दो
वक़्त
सुहाने
से
मिले
Kaif Bhopali
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अब
उस
सेे
दोस्ती
है
जिस
सेे
कल
मुहब्बत
थी
अब
इस
सेे
ज़्यादा
बुरा
वक़्त
कुछ
नहीं
है
दोस्त
Vishal Singh Tabish
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दोस्तों
रोज़
सुब्ह-ओ-शाम
करो
यौम-ए-महशर
का
इंतिज़ाम
करो
फ़र्ज़
जो
काम
है
वो
काम
करो
सारी
दुनिया
में
हक़
को
आम
करो
निकलो
अब
बे-रुख़ी
के
पैकर
से
आओ
बैठो
कोई
कलाम
करो
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Shajar Abbas
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आज
मुर्शिद
बहुत
उदास
हूँ
मैं
यानी
अपनी
क़ज़ा
के
पास
हूँ
मैं
Shajar Abbas
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दर्द-ए-दिल
जब
भी
मेरा
हद
से
सिवा
होता
है
मैं
क़लम
लेता
हूँ
क़िर्तास
भिगो
देता
हूँ
Shajar Abbas
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होश
जिस
रोज़
से
सँभाला
है
दर्द
ही
दर्द
मिल
रहे
हैं
मुझे
Shajar Abbas
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सच
कहा
है
दोस्तों
ये
आबा-ओ-अजदाद
ने
हसरत-ए-क़ल्ब-ए-तपाँ
पूरी
नहीं
हो
पाएगी
Shajar Abbas
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